21जेएनडी38: जानकारी देते हुए किसान। संवाद
सफीदों। सफीदों क्षेत्र में वीरवार देर रात हुई तेज बारिश व ओलावृष्टि के कारण फसलों में नुकसान पहुंचा है। इसके साथ-साथ मौसम में भी काफी ठंडक बढ़ गई है। देर रात मौसम ने एकदम से करवट ली और तेज तूफान शुरू हो गया। उसके बाद तेज बारिश के साथ भारी ओलावृष्टि शुरू हुई। एक बार तो स्थिति यह हो गई थी कि धरती पर सफेद चादर सी बिछ गई थी। लोगों ने हाथों में ओलों को एकत्रित कर लिया। ओलावृष्टि के कारण अगेती गेहूं फसल के साथ सब्जियों व फलों की फसलों में नुकसान पहुंचा है।
गांव सिंघपुरा-बहादुरपुर के बीच बागवानी करने वाले किसान प्रमोद कुमार ने बताया कि उसने यहां पर कई एकड़ में बेर का बाग लगाया हुआ है। बाग में अच्छा खासा बेर लगा हुआ था और बेहतर आमदनी होने की उम्मीदें थी। इस ओलावृष्टि के कारण उसका सारा बाग तबाह हो गया है। पेड़ों पर लगे हुए सारे बेर टूटकर धरती पर आ गिरे। इस ओलावृष्टि के कारण उसका लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं, किसान कर्मजीत सिंह, राणा भुल्लर, शेर सिंह, संदीप बैरागी का कहना है कि बारिश व ओलावृष्टि के कारण उनकी गेंहू व सब्जियों की फसलों को भारी क्षति पहुंची है। तूफान, बारिश व ओलावृष्टि से फसल बिछ गई है। सबसे अधिक नुकसान अगेती फसलों में हुआ है। ओलावृष्टि से गेंहू व सरसों की फलियों से दाना झड़ गया है। किसानों ने सरकार से मांग की है कि सरकार को किसानों की नष्ट फसलों का सर्वे करवाकर पीड़ित किसानों को मुआवजा देना चाहिए।
21जेएनडी38: जानकारी देते हुए किसान। संवाद