नशा मुक्ति केंद्र का निरीक्षण करते हुए सचिव एवं सीजेएम अमित वर्मा। स्रोत : डीपीआरओ
रेवाड़ी। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की डॉन योजना ड्रग जागरूकता और कल्याण नेविगेशन के तहत सचिव एवं सीजेएम अमित वर्मा ने नशा मुक्ति केंद्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने नशा मुक्ति केंद्र के कार्यों की समीक्षा की।
नशा मुक्ति केंद्र में जोगिंदर सिंह प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर एवं वोकेशनल काउंसलर ने बताया कि नशा मुक्ति केंद्र में 4 रोगी फिलहाल उपस्थित हैं। उन्होंने बताया कि संदीपा काउंसलर द्वारा रोगियों की समय-समय पर काउंसिलिंग की जाती है और उन्हें नशा छोड़ने के प्रति जागरूक किया जाता है।
निरीक्षण में सीजेएम अमित वर्मा ने बताया कि कानूनी सहायता और उनकी सेवाओं के बारे में सभी को जागरूक किया जाए ताकि कानून की सहायता का लाभ उठा सके।
विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य समाज के कमजोर वर्ग के लोगों के लिए निशुल्क कानूनी सेवाओं की पेशकश करना व साथ में उनके अधिकारों के बारे में जागरूक करने का प्रयास करता है।
इस दौरान सीजेएम ने सभी को नशा न करने के बारे में प्रेरित किया और उससे होने वाले नुकसान के बारे में उनको अवगत करवाया।
उन्होंने बताया कि लीगल एड द्वारा सीनियर सिटीजन, महिलाएं, बच्चों, अनुसूचित जाति व जनजाति के लोगों व तीन लाख से कम वार्षिक आय वाले सभी व्यक्तियों को निशुल्क में कानूनी सहायता दी जाती है और कोई भी जन कानूनी सहायता के लिए उपमंडल विधिक सेवा समिति या जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय में संपर्क कर सकता है।
इसके अलावा सीजेएम अमित वर्मा ने यह भी बताया कि उच्चतम न्यायालय द्वारा आमजन के लिए चलाए गए टोल फ्री नंबर 15100 एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा एक हेल्पलाइन नंबर 01274-220062 चलाया हुआ है जिस पर आमजन किसी भी प्रकार के कानूनी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।