पेट्रोल और डीजल के बढ़े हुए दाम को वापस लेने की मांग करते करते माकपा और भाकपा कार्यकर्ता।
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वामपंथी पार्टियों के आह्वान पर माकपा और भाकपा माले ने पेट्रोलियम पदार्थों की लगातार हो रही मूल्य वृद्धि के विरोध में साइकिल मार्च निकाला। साइकिल मार्च शहर में होते हुए शिव चौक तक पहुंचा।
शिव चौक पर माकपा नेता प्रकाश चंद्र, नूतन प्रकाश, कपूर सिंह, भाकपा माले के विनोद धड़ौली ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार लगातार महंगाई बढ़ा रही हैं। जनता का रोजगार छीन रही हैं। लॉकडाउन की आड़ लेकर व मंदी का बहाना बनाकर पेट्रोलियम पदार्थों दाम लगातार बढ़ाए जा रहे हैं। देश में 70 साल बाद पहली बार यह हो रहा है कि डीजल और पेट्रोल के दाम बराबर हो गए हैं। एक तरफ लोग भूख से मर रहे हैं और लाखों लोग बेघर हो गए हैं तो वहीं सरकार जनता को राहत देने की बजाय आए दिन उन पर नए-नए टैक्स थोप रही है। जब अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कच्चे तेल के दाम लगातार घट रहे थे तो उस समय सरकार ने डीजल व पेट्रोल के रेट घटाने की बजाए उन पर उत्पाद शुल्क बढ़ा दिया। डीजल और पेट्रोल के दाम कम करने की बजाए बढ़ा दिए। सरकार राहत देना तो दूर उल्टा जो लोग रोजगार में थे, उनके रोजगार छीन रही है। उन्होंने मांग की कि टैक्स के दायरे से बाहर के सभी जरूरतमंद परिवारों को 7500 रुपये प्रति परिवार छह महीने तक दिए जाए। सभी गांव में मनरेगा का काम शुरू किया जाए। शहरों में भी इसका विस्तार किया जाए। बिजली निगम को निजी हाथों में देने का फैसला वापस लिया जाए। इस अवसर पर शिलक राम, रणबीर, पवन, राजेश, बलजीत, उत्तम बनर्जी, विनय तिवारी, सतपाल, धर्मपाल मौजूद रहे।
डीजल और पेट्रोल के बढ़ रहे दामों के विरोध में साइकिल यात्रा निकालते माकपा और भाकपा के कार्यकर्ता- फोटो : Jind