29जेएनडी24: चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के रोडमैप के लिए
जींद। बदलते रोजगार परिदृश्य में विद्यार्थियों को केवल डिग्री तक सीमित रखने के बजाय उन्हें कौशल और तकनीकी दक्षता से जोड़ने की दिशा में चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ।
फैसिलिटेटर डेवलपमेंट प्रोग्राम-एम्प्लॉयबिलिटी स्किल्स, एम्पावर्ड बाय जनरेटिव एआई विषय पर आयोजित कार्यक्रम में शिक्षकों और प्रशिक्षकों को आधुनिक प्रशिक्षण पद्धतियों के साथ जनरेटिव एआई के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी जा रही है।
हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के समन्वय और वाधवानी फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम का पहला दिन 28 सितंबर को विश्वविद्यालय के शिक्षण खंड-दो स्थित मुख्य सम्मेलन कक्ष में ऑफलाइन हुआ।
सीआरएसयू के कुलगुरु प्रो. (डॉ.) राम पाल सैनी ने कहा कि उच्च शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल अकादमिक ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें बदलते कार्यस्थल की जरूरतों के अनुरूप सक्षम बनाना भी है। रोजगारपरक कौशल, डिजिटल दक्षता और जनरेटिव एआई की समझ अब विद्यार्थी की क्षमता बढ़ाने का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रही है।
उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों में नए कौशल विकसित करने की प्रक्रिया के प्रमुख माध्यम हैं, इसलिए उन्हें भी आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षण पद्धतियों से लगातार अपडेट करना जरूरी है। 30 सितंबर के ऑनलाइन सत्रों में रोजगारपरक कौशल, डिजिटल संसाधनों और जनरेटिव एआई के इस्तेमाल पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। उद्देश्य शिक्षकों को इस तरह तैयार करना है कि वे विद्यार्थियों में रोजगार, नवाचार और भविष्य के कार्यस्थल के लिए जरूरी दक्षताएं विकसित कर सकें।