फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीआरएसयू की नई रजिस्ट्रार प्रोफेसर लवलीन मोहन ने संभाला कार्यभार

विज्ञापन
विज्ञापन
जींद। रोहतक स्थित महर्षि दयानंद विवि के अंग्रेजी व विदेशी भाषा विभाग की प्रोफेसर लवलीन मोहन को जींद स्थित चौधरी रणबीर सिंह विवि की रजिस्ट्रार नियुक्ति किया गया है। बुधवार को उन्होंने अपना कार्यभार संभाला। मंगलवार रात को ही उनकी नियुक्ति का पत्र जारी हुआ था। इस दौरान प्रोफेसर लवलीन मोहन ने कहा कि विवि में शैक्षणिक स्तर में और अधिक सुधार, विद्यार्थियों की समस्याओं का निदान व सीआरएसयू को नैक रैंकिंग दिलवाना उनकी प्राथमिकता रहेंगी।
विज्ञापन

बुधवार दोपहर बाद रजिस्ट्रार सीआरएसयू पहुंचीं। इस दौरान कार्यवाहक रजिस्ट्रार डॉ. राजेश बंसल, प्रोफेसर अनूपम भाटिया, ज्योति श्योराण सहित तमात शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक स्टाफ ने उनका स्वागत किया। प्रोफेसर लवलीन मोहन ने एमडीयू रोहतक से स्नातक की और स्वर्ण पदक विजेता रहीं। इसके बाद कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर और एमडीयू रोहतक से पीएचडी की। शिक्षा के क्षेत्र में उनका 34 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान एकेडमिक अफेयर के डीन प्रोफेसर एसके सिन्हा और पूर्व विश्वविद्यालय कुलसचिव डॉ. राजेश बंसल, डॉ. ज्योति श्योराण, डॉ. सुनील फोगाट, डॉ. अनुपम भाटिया, डॉ. जितेंद्र कुमार मौजूद रहे।
विवि में चल रहे विवादों पर भी रहेगा फोकस
गौरतलब है कि पिछले दो साल से सीआरएसयू में भर्तियों को लेकर काफी विवाद चल रहा है। इसके चलते विवि में कई जांच चल रही हैं। ऐसे में सरकार द्वारा भर्तियों पर रोक लगाई गई है। इस पर रजिस्ट्रार ने कहा कि अभी उन्होंने इसका रिकार्ड नहीं देखा है। इसकी जांच के बाद पूरी पारदर्शिता के साथ काम करना ही उनका लक्ष्य रहेगा।
विज्ञापन

स्थायी कुलपति की भी दरकार
इसी साल जनवरी माह में सीआरएसयू के कुलपति प्रोफेसर आरबी सोलंकी का कार्यकाल पूरा हो गया था। इसके बाद कुरुक्षेत्र विवि के कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा को अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। वहीं फरवरी माह में भ्रष्टाचार के मामलों के चलते ही पूर्व रजिस्ट्रार डॉ. राजेश पूनिया को भी हटा दिया था। अब सीआरएसयू को स्थायी रजिस्ट्रार मिल गई हैं और कुलपति का इंतजार है।
----------------------------
भर्ती मामले में जांच के लिए चौकी प्रभारी ने की पूछताछ
वहीं दूसरी ओर विश्वविद्यालय में भर्तियों के मामले में विवि चौकी प्रभारी एएसआई मोनिका विवि पहुंच कर कर्मचारियों से पूछताछ की। गौरतलब है कि फरवरी 2019 में विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग में भर्तियों के लिए साक्षात्कार हुए थे। इससे संबंधित दस्तावेज विवि से गायब हो गए। इसकी शिकायत करीब एक साल पहले पूर्व रजिस्ट्रार डॉ. राजेश पूनिया ने पुलिस को दी थी। उन्होंने पूर्व रजिस्ट्रार डॉ. राजबीर सिंह पर कागजात गायब करने के आरोप लगाए गए थे। दूसरी तरफ डॉ. राजबीर मोर ऐसे आरोपों को नकार रहे हैं। ऐसे में बुधवार को विश्वविद्यालय चौकी प्रभारी एएसआई मोनिका ने इस मामले में डीन एकेडमिक अफेयर प्रोफेसर एसके सिन्हा, प्रोफेसर डॉ. अनुपम भाटिया, स्थापना शाखा के कर्मचारियों, कुलपति व रजिस्ट्रार के निजी सहायक, मनोविज्ञान विभाग के स्टाफ से भी पूछताछ की है। वहीं एएसआई मोनिका ने बताया कि इस मामले की जांच की जा रही है। ऐसे में कुछ लोगों से पूछताछ की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें