जींद। अखिल भारतीय अग्रवाल समाज हरियाणा के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार गोयल ने हरियाणा सरकार द्वारा बुजुर्गों की बुढ़ापा पेंशन में फसल बिक्री से प्राप्त राशि को आय में जोड़े जाने के निर्णय पर नाराजगी जताई है।
उन्होंने इस फैसले को अव्यवहारिक, तर्कहीन और गरीब विरोधी बताते हुए कहा कि इससे प्रदेश के हजारों जरूरतमंद बुजुर्ग पेंशन से वंचित हो रहे हैं। गोयल ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि बुढ़ापा पेंशन के नियमों में संशोधन कर फसल बिक्री से प्राप्त राशि को आय की गणना से बाहर रखा जाए ताकि जरूरतमंद बुजुर्गों को उनका हक मिल सके।
गोयल का कहना है कि प्रदेश में 60 वर्ष से अधिक आयु के ऐसे हजारों बुजुर्ग हैं जिनके नाम पर थोड़ी सी कृषि भूमि तो दर्ज है लेकिन उनकी आजीविका का एकमात्र सहारा बुढ़ापा पेंशन ही है। सरकार द्वारा फसल बिक्री को आय मानकर पेंशन रोक देना जमीनी हकीकत से बिल्कुल परे है। इसमें बीज, खाद, कीटनाशक दवाइयां, मजदूरी, ट्रैक्टर खर्च, सिंचाई, बिजली बिल और अन्य कृषि खर्च पहले ही जुड़े होते हैं।
गोयल ने कहा कि इस गलत नीति के कारण जरूरतमंद बुजुर्गों के सामने दवा, इलाज, राशन और दैनिक जरूरतों को पूरा करने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। जिन बुजुर्गों ने जीवनभर मेहनत कर समाज और परिवार को संवारने का काम किया आज वही अपने हक की पेंशन के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।