करीब चार माह पहले हरियाणा के जींद जिले के छातर गांव में अनुसूचित जाति के लोगों के कथित सामाजिक बहिष्कार करने के मामले में पुलिस ने अदालत में तीन लोगों के खिलाफ आरोप पत्र पेश किया है। इस पर पीड़ित पक्ष के वकील रजत कलसन का कहना है कि आरोप पत्र पेश कर पुलिस ने खुद ही बहिष्कार की पुष्टि की है।
रजत कलसन ने कहा कि प्रशासन पहले सामाजिक बहिष्कार के मामले को ही नकार रहा था। अब तीन आरोपियों ईश्वर, बलवान व सीता के खिलाफ एससी एसटी कानून की धाराओं के तहत विशेष अदालत में आरोप पत्र पेश किया है। इससे साफ है कि यह मामला सामाजिक बहिष्कार का था। कलसन ने कहा कि पुलिस ने अदालत में पेश की गई रिपोर्ट में बताया है कि इन तीन आरोपियों को पुलिस गांव में माहौल खराब होने के डर से गिरफ्तार नहीं कर सकती।
तीन लोगों के खिलाफ पेश किया है आरोप पत्र
छातर गांव में हुए विवाद में पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में पेश किया है। अभी इस मामले की जांच चल रही है। जांच के आधार पर ही आगामी कार्रवाई की जाएगी। गांव में शांति व्यवस्था को भंग नहीं होने दिया जाएगा। इसमें पुलिस कड़ी कार्रवाई करेगी। - कुलदीप सिंह, एएसपी।