जिस प्रकार से रामनिवास सुरजाखेड़ा ने मामला दर्ज होने के बाद अपनी फेसबुक आईडी पर लिखा है कि उनके खिलाफ यह राजनीतिक साजिश है, ऐसे में अब देखना होगा कि राजनीतिक सुरजाखेड़ा का राजनीतिक भविष्य अब क्या होगा।
हरियाणा के जींद के नरवाना से विधायक रहे रामनिवास सुरजाखेड़ा अभी तक भाजपा में शामिल नहीं हुए थे। इससे पहले ही उनपर दुष्कर्म का मामला दर्ज हो गया। अब सुरजाखेड़ा की मुश्किलें काफी बढ़ गई है। राजनीतिक रुप से भी उनको काफी नुकसान होगा। ऐसे में उनको किसी भी पार्टी से टिकट मिलना मुश्किल हो जाएगा।
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रामनिवास सुरजाखेड़ा 2019 में जजपा की टिकट से नरवाना विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने थे। जजपा में रहते हुए ही उन्होंने जजपा के खिलाफ बोलना शुरू कर दिया था। उनके कई बार तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहरलाल के पक्ष में बयान आ रहे थे।
अभी 22 अगस्त को ही रामनिवास सुरजाखेड़ा ने जजपा से इस्तीफा दे दिया था। उसी दिन रामनिवास सुरजाखेड़ा ने भाजपा में जल्द शामिल होने की बात कही थी, लेकिन वह भाजपा में शामिल नहीं हो पाए थे। इसके बाद 26 अगस्त को कुरुक्षेत्र के पीपली में भाजपा द्वारा दलित सम्मेलन किया गया था।
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इस सम्मेलन में सुरजाखेड़ा के भाजपा में शामिल होने की सूचनाएं आने लगी, लेकिन वह इस सम्मेलन में भी भाजपा में शामिल नहीं हो पाए। अब क्यास लगाए जा रहे थे कि एक सितंबर को जींद में होने वाली जन आशीर्वाद रैली में रामनिवास सुरजाखेड़ा भाजपा में शामिल होंगे, लेकिन इससे पहले ही यह मामला हो गया।
अब रामनिवास सुरजाखेड़ा की राजनीतिक मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। रामनिवास सुरजाखेड़ा नरवाना विधानसभा क्षेत्र से भाजपा की टिकट के प्रबल दावेदार माने जा रहे थे, लेकिन अब ऐसा होना मुश्किल ही है। रामनिवास सुरजाखेड़ा के लिए यह राजनीतिक रुप से काफी बड़ा झटका है।