हरियाणा के जींद में दनौदा कलां गांव में जमीनी विवाद के चलते तेजधार हथियारों से वार कर चचेरे भाई की हत्या करने के दोषी को अदालत ने आजीवन कैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा दोषी पर 19 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना राशि नहीं भरने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
पुलिस प्रवक्ता अमित खर्ब ने बताया कि 27 अगस्त 2018 को नरवाना थाना में में दी शिकायत में दनौदा निवासी राजबाला ने बताया था कि उनके पति की मौत लगभग 16 वर्ष पहले हुई थी। पति की मौत के बाद जमीन को लेकर उसके देवर के दोनों लड़के किरण व ज्योति उर्फ सोनू उनसे रंजिश रखते थे।
वह अपने बेटे के साथ 27 अगस्त को खेत से बाइक पर सवार होकर घर जा रही थी। रास्ते में किरण और ज्योति उर्फ सोनू ने उसे रोक लिया और गंडासे व कुल्हाड़ी से उस पर और उसके बेटे पर हमला कर दिया। इसमें उसके बेटे को गंभीर चोटें आईं।
जहां से आसपास के लोगों ने उनको नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया, लेकिन चिकित्सकों ने उसके बेटे सूरज को मृत घोषित कर दिया था। पुलिस ने राजबाला की शिकायत पर किरण व ज्योति उर्फ सोनू को गिरफ्तार कर लिया था। अदालत में उसी समय से सुनवाई चल रही थी।
बुधवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमरजीत सिंह की अदालत ने हत्या के दोष में किरण को दोषी करार दिया और उम्रकैद व 19 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं भरने पर तीन माह की अतिरिक्त कैद काटनी होगी।