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प्रापर्टी डीलर की हत्या मामले की जांच करने सीबीआई टीम पहुंची जुलाना 

Thu, 18 May 2017 12:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो जींद
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पुराने बस अड्डे के सामने जिस घर में गोली चली थी जांच करते हुए सीबीआई की टीम। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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 पुराना बस स्टैंड के निकट गोली लगने से प्रॉपर्टी डीलर गांव बुढ़ाखेड़ा निवासी अनिल की मौत के मामले की जांच चार साल बाद सीबीआई को सौंपी गई है। सीबीआई की टीम बुधवार को जुलाना पहुंची और घटना स्थल का मुआयना करके मामले में गवाह व आरोपियों से पूछताछ की।

हालांकि पुलिस ने अपनी जांच के दौरान आरोपियों को यह दलील देकर क्लीन चिट दे दी थी कि रिवाल्वर हवा के झोंके में जमीन पर गिर गई और उससे गोली चली। जो प्रॉपर्टी डीलर को जा लगी और इसमें उसकी मौत हो गई। मामले के आरोपियों को क्लीन चिट मिलने के बाद मृतक के परिजनों ने पुलिस पर मिलीभगत करके आरोपियों को क्लीन चिट देने के आरोप लगाकर अदालत की शरण ली थी। इसके बाद अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच सीबीआई से करवाने के आदेश दिए। इसी के चलते बुधवार को दिल्ली से सीबीआई की टीम जुलाना पहुंची और जिस घर में गोली चली थी वहां पहुंचकर मामले की जांच की। पुलिस ने जिस घर में गोली चली थी वहां पर सीबीआई टीम ने साढ़े तीन घंटे तक मामले की जांच की। आरोपियों से एक-एक करके पूछताछ की और जिस कमरे में गोली चल थी लाई डिटेक्टिव भी किया गया।
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यह था मामला
गांव बुढ़ाखेड़ा गांव का युवक अनिल प्रॉपर्टी डीलर का काम करता था। 17 जुलाई 2013 को जुलाना के पुराने बस अड्डे के सामने एक घर में अनिल अपने साथियों के साथ घर में मौजूद था। तभी अचानक गोली चलने से अनिल गंभीर रुप से घायल हो गया था। बाद में पीजीआई में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने मतृक के भाई ओमप्रकाश की शिकायत पर गांव अकलागढ़ निवासी कृष्ण, हथवाला गांव के मनोज, शादीपुर के सोनू, बुढ़ाखेड़ा लाठर गांव के रामबीर और उसके साले नरेश के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था।

आरोपियों ने घटना को इत्तेफाकिया बताया था। इस मामले में पुलिस ने लाई डिटेक्टिव भी करवाया था। बाद में सीन ऑफ क्राइम टीम ने गोली अचानक चलने का प्रयोग करके दिखाया जिस पर मामला लापरवाही का सामने आया था। पुलिस जांच के दौरान कुछ तथ्य इस प्रकार उभर कर सामने आए कि आरोपी व मृतक अनिल उसके कार्यालय में बैठे शराब पी रहे थे। मनोज की लोडेड लाइसेंसी रिवाल्वर खिड़की में रखी थी। हवा के झोंके से खिड़की खुली और रिवाल्वर नीचे गिर गया और गोली चली तथा अनिल को जा लगी थी। इस पर पुलिस ने आरोपियों को क्लीन चिट दे दी थी, लेकिन परिजन पुलिस की जांच से संतुष्ट नहीं हुए। 

अदालत की ली थी शरण, उच्च अधिकारी को सौंपी थी जांच
अनिल के परिजनों ने न्याय के लिए अदालत की शरण ली। अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए मामले की जांच किसी डीएसपी या एसपी लेवल के अधिकारी से करवाने के आदेश दिए। जिस से पिस्तौल से गोली चली उसे जांच के लिए मधुबन लैब में भी भेजा गया। मृतक के परिजनों ने बताया कि जांच में पाया गया कि पिस्तौल के नीचे गिरने से गोली चल नहीं सकती। अब इस मामले की जांच सीबीआई की टीम कर रही है। बुधवार को टीम ने जुलाना में पहुंचकर जिस घर में गोली चली थी उसका मुआयना किया।

मामला नहीं है इत्तफाकिया 
मृतक अनिल के भाई रमेश ने बताया कि चार वर्ष से वह न्याय के लिए भटक रहा है। अनिल की इत्तफाकिया गोली लगने से मौत नहीं हुई है। अनिल को गोली मारी गई है। अनिल की लेनदेन को लेकर कहासुनी आरोपियों से हुई थी। पुलिस ने पैसे खाकर मामले को इत्तफाकिया बताया है। मधुबन लैब में जांच के लिए जब पिस्तौल भेजा है तो जांच में पाया गया है कि पिस्तौल के गिरने से गोली नहीं चल सकती है। उसे अब उम्मीद है कि सीबीआई मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से करेगी और उसे न्याय मिलेगा। 
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बुढ़ाखेड़ा गांव के प्रॉपर्टी डीलर अनिल की मौत की जांच करने के लिए जुलाना में सीबीआई की टीम पहुंची थी। टीम ने जहां पर गोली चली थी वहां जांच की। आरोपियों से पूछताछ की। लाई डिटेक्टिव भी किया। मामले की पूरी जांच के बाद ही टीम अपनी रिपोर्ट बताएगी।
-कृष्ण खर्ब, जुलाना अनाज मंडी चौकी प्रभारी।
 
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