उच्चतर शिक्षा निदेशालय के निदेशक ने ट्रस्ट के नाम पर जींद के गांव काकड़ौद के पास बीएड काॅलेज खोलकर 4.80 करोड़ रुपये की गड़बड़ी करने का आरोप लगाया है। साथ ही मामले में शहर थाना नरवाना पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है।
उच्चतर शिक्षा निदेशालय पंचकूला के निदेशक राजीव रत्न ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि छोटूराम काॅलोनी निवासी दिलबाग, नरवाना निवासी संजय, ईश्वर सिंगला, निसिंग निवासी सतीश, चंडीगढ़ निवासी शारदा, गांव दबलैन निवासी हरिदत्त शर्मा ने 2007 में सिद्धि विनायक ट्रस्ट बनाकर गांव काकड़ौद के पास सिद्धि विनायक बीएड कॉलेज खोला था।
उसी नाम से पेहवा में भी काॅलेज खोला गया था। संस्था के चेयरमैन हरिदत्त का 2017 निधन हो गया और उनकी पत्नी राजकली संस्था की चेयरमैन बन गईं। कुछ समय के बाद उनके बेटे आनंद को चेयरमैन बना दिया गया, जबकि गांव काकड़ौद के काॅलेज को दिलबाग तथा उसके चार साथी चला रहे थे।
परीक्षा तथा संस्था को लेकर आनंद का दिलबाग व उसके साथियों के साथ विवाद हो गया। इसकी शिकायत हायर एजुकेशन निदेशालय को की गई थी, जिसकी जांच हायर एजुकेशन द्वारा गठित कमेटी ने की। इसमें दिलबाग व उसके चार साथियों द्वारा की गई गड़बड़ी सामने आई है।
संस्था के चेयरमैन आनंद ने आरोप लगाया था कि आरोपियों ने संस्था के साथ वर्ष 2007 से 2023 तक 4.80 लाख रुपये की गड़बड़ी की है। शहर थाना नरवाना के जांच अधिकारी राजकुमार ने बताया कि हायर एजुकेशन निदेशालय के अधीक्षक राजीव रत्न की शिकायत पर पुलिस ने दिलबाग, संजय, ईश्वर, सतीश तथा शारदा के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।