बरामद किए नकली पुरानी करेंसी नोट।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सुनील ने संजय को 20 करोड़ रुपये तैयार को कहा था और बदले में 25 प्रतिशत चार करोड़ रुपये नये नोट देने की डील हुई थी। संजय मुख्य रूप से भैंस का व्यापार करता है। संजय ने अपने साथियों जयसिंहपुरा निवासी हरदीप, असंध निवासी भारत भूषण, झुडाना निवासी मसकीन के साथ मिलकर नोट छापने शुरू किये।
इन लोगों ने एक-एक हजार रुपये चार पुराने तथा 500-500 रुपये के चार असली नोट लिये और इनसे 88545 नकली नोट तैयार कर डाले। फोटो स्टेट मशीन से असली नोटों की कॉपी की और कटर से काटकर नकली नोटों की गड्डी बना ली।
बरामद की गई फोटोस्टेट की मशीन व अन्य सामान।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दूसरे देशों में भेजने की थी तैयारी
खुलासे से पता चला है कि पानीपत निवासी सुनील इन लोगोें से नकली नोट तैयार करा अन्य देश में भेजना चाहता था। आज भी नेपाल में भारत की पुरानी करेंसी चलती है। सुनील ऐसे ही किसी अन्य देश में इन नोटों को भेजकर वहां से कमीशन लेना चाहता था। फिलहाल सुनील की गिरफ्तारी नहीं हुई है। सुनील की गिरफ्तारी के बाद ही इस बात का खुलासा हो पाएगा कि वह इन नोटों को किस देश में बेचना चाहता था।
ठगी का करना चाहते थे धंधा
हाडवा निवासी संजय, हरदीप, भारत भूषण व मसकीन ने फोटोस्टेट मशीन से जो नकली नोट तैयार किए, वे किसी भी सूरत में चलने लायक नहीं हैं। साधारण कागज पर तैयार किए गये ये नकली नोट जल्द ही पकड़ में आ सकते हैं। इन लोगों का सीधा सा मकसद था कि वह किसी तरह से पानीपत निवासी सुनील से अपना 25 प्रतिशत कमीशन ले लेंगे और उसे नकली नोट दे देंगे। आरोपियों ने सुनील को ठगने का ही यही कार्यक्रम बनाया था।