फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Crime : कौन था बब्बर खालसा टाइगर फोर्स का सक्रिय सदस्य रतनदीप सिंह, पंजाब में गोलियां बरसाकर हत्या

Fri, 05 Apr 2024 12:16 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सफीदों, जींद (हरियाणा)

सार

बब्बर खालसा टाइगर फोर्स के एक्टिव सदस्य रतनदीप का रोहढ़ से ताल्लुक था। रतनदीन सिंह की पंजाब के नवांशहर के बलाचौर में गोलियां मारकर हत्या की गई है।
विज्ञापन
रतनदीप सिंह का फोटो। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बब्बर खालसा टाइगर फोर्स का एक्टिव सदस्य रहे रतनदीप सिंह की पंजाब के नवांशहर के बलाचौर इलाके में मोटरसाइकिल सवार युवकों ने गोलियां मारकर हत्या कर दी है। रतनदीप सिंह का ताल्लुक हरियाणा के सफीदों उपमंडल के गांव रोहढ़ से है।

विज्ञापन


पुलिस के अनुसार रतनदीप सिंह कार में सवार होकर अपने साथी के साथ बलाचौर मेन रोड पर स्थित एक अस्पताल के निकट ढाबे के पास खड़ा था। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर युवक आए और गोलियां मारकर उकी हत्या कर दी। फिलहाल रतनदीप सिंह करनाल में रहता था और किसी काम से बलाचौर गया था। बताया जा रहा है कि हत्या की जिम्मेदारी नवांशहर के नोटोरियस गैंगस्टर गोपी नवांशहरिया ने ली है।

कौन था रतनदीप सिंह
रतनदीप सिंह सफीदों के असंध रोड पर स्थित गांव रोहढ़ का रहने वाला था। वह इतना शातिर था कि पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देकर कई बार देश से बाहर जा चुका था। उसे पकड़ने के लिए उस पर लाखों रुपये का इनाम रखा गया था। उसे पकड़ने के लिए उसके गांव रोहढ़ के अड्डे पर पुलिस ने विशेष चौकी स्थापित की थी।
विज्ञापन


वह चौकी काफी समय तक थी। उस पर विभिन्न स्थानों पर करीब डेढ़ दर्जन मामले दर्ज थे। वह इन मामलों में फारिग हो चुका था। वह अपने गांव को छोड़कर परिवार के साथ सफीदों के खानसर चौक पर रहने लगा था, लेकिन बाद में वहां से करनाल के सीएचडी सिटी में बस गया था। उसकी शादी काफी पहले हो चुकी थी।

उसकी पहली पत्नी बलजिंद्र कौर और बेटी जोवन जर्मनी में रहती हैं। सफीदों में रहने के दौरान उसने दूसरी शादी कर ली थी। दूसरी शादी से उसका एक बेटा है। वह दूसरी पत्नी व बेटे के साथ करनाल में रहता था। इसके अलावा वह करनाल में ढाबा चलाने के साथ टैक्सी चलवाने का काम करता था।

बब्बर खालसा टाइगर फोर्स का एक्टिव सदस्य रहने के दौरान वह कमांडो था और प्लेन व हेलिकॉप्टर चलाने में महारत हासिल की थी। पुलिस ने रतनदीप पर 2011 में दस लाख रुपये का इनाम रखा था। उसे रिश्तेदारों ने थाईलैंड के रास्ते बेल्जियम भेजा था। वहीं से रतनदीप की संगत गलत हो गई। वहां से लगभग नौ महीने के बाद वह पाकिस्तान पहुंच गया था।

रतनदीप पर एक्सप्लोसिव एक्ट, एनडीपीएस एक्ट व आर्म्स एक्ट के तहत थानेसर, शाहबाद, पानीपत, कैथल, चंडीगढ़, रोहिणी दिल्ली, पटियाला, अमृतसर, करनाल व सफीदों समेत अन्य थानों में मामले दर्ज थे। वह अधिकतर मामले में बरी भी हो चुका था। वह नाभा जेल में रह चुका था। उसके खिलाफ सफीदों सदर थाना में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज था। उसके पास से एक पिस्टल, माउजर व 6 कारतूस मिले थे। वह मुकदमे में फरार चल रहा था। 10 नवंबर 2015 को उसे गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा 3 जुलाई 1999 को भादंस की धारा 353, 186, 285, 25-54-59 आर्म्स एक्ट के तहत सदर सफीदों थाना में मामला दर्ज हुआ था। इस मुकदमे में रतनदीप सिंह हवाई फायर करता हुआ भाग गया था। इस मुकदमे में वह 10 नवंबर 2015 को गिरफ्तार हुआ था। वहीं उस पर 9 जुलाई 1999 को सफीदों थाना में एक्सप्लोसिव एक्ट व आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। इस मामले में वह 10 नवंबर 2015 को गिरफ्तार किया गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें