ससुरालीजनों की प्रताड़ना से तंग आकर एक युवक ने अदालत परिसर में जहरीला पदार्थ निगल लिया। युवक को गंभीर हालत में नागरिक अस्पताल में दाखिल कराया गया, जहां से चिकित्सकों ने पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। वहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक युवक के पिता ने आरोप लगाया कि उसकी पुत्रवधू व ससुरालीजन उसे दहेज के मामले में फंसाने की धमकी देकर प्रताड़ित कर रहे थे और वकील के बुलाने पर वह अदालत में आया था। शहर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर पत्नी, वकील सहित चार लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज किया है।
गांव लोहचब निवासी जगदीश ने पुलिस को शिकायत दी कि उसके बेटे कर्ण की शादी लगभग दो साल पहले हांसी रोड करनाल निवासी निशा पुत्री चरणदास से हुई थी। दोनों के बीच में अनबन होने के बाद निशा काफी समय से मायके में रह रही है। इसके बाद निशा उनके खिलाफ मुकद्दमे की तैयारी में थी। इसी कारण निशा के वकील रमेश ने उसे के बेटे कर्णसिंह को अदालत परिसर में बुलाया था। जहां पर मौजूद निशा, उसकी मां कमलेश, साली रीना ने वकील के साथ मिलकर दहेज के झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी। उनकी प्रताड़ना से तंग आकर उसके बेटे ने जहरीला पदार्थ निगलकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मृतक की पत्नी निशा, सास कमलेश, साली रीना, उनके वकील रमेश के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज किया है।
जांच अधिकारी राजबीर सिंह ने बताया कि युवक कर्ण सिंह को वकील रमेश ने अदालत परिसर में बुलाया था। वकील के पास उसकी पत्नी निशा ने दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज करने की तैयारी कर रही थी। उसके बाद कर्णसिंह ने जहरीला पदार्थ निगलकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।