हरियाणा के जींद में नोटिस के बाद भी धरना देने पर महामारी एक्ट के तहत अनुसूचित जाति के 900 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इनमें 16 लोगों को नामजद किया गया है। खापड़ व छात्तर गांवों में अनुसूचित जाति के लोगों के सामाजिक बहिष्कार में आरोपियों की गिरफ्तारी व धनखड़ खाप के प्रधान डॉ. ओमप्रकाश धनखड़ के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग को लेकर अनुसूचित जाति के लोगों ने लघु सचिवालय के बाहर धरना दिया।
रजत कलसन ने बताया कि एसपी ने धनखड़ खाप के प्रधान डॉ. ओमप्रकाश धनखड़ के खिलाफ केस दर्ज करने से मना कर दिया। वे मना कर मीटिंग छोड़ कर चले गए। ओमप्रकाश धनखड़ पर आरोप है कि 23 दिसंबर को जाट धर्मशाला में हुई मीटिंग में उन्होंने अनुसूचित जाति की लड़कियों के बारे में अभद्र टिप्पणी की है। हालांकि धनखड़ इससे साफ मना करते रहे हैं। इस बारे में वे सफीदों के डीएसपी साधुराम को अपने बयान भी दर्ज करवा चुके हैं।
दिन भर चले धरने के बाद शाम करीब साढ़े चार बजे डीसी नरेश नरवाल, एसपी नरेंद्र बिजरानिया, भाजपा नेता कर्मवीर सैनी शामिल हुए। वहीं आंदोलनकारियों की तरफ से रजत कलसन, दिनेश खापड़ सहित कई अन्य लोग शामिल हुए। इसके बाद तीन घंटे तक मीटिंग जारी रही। इसके बाद हालांकि प्रशासन मांगों पर सहमति बनने की बात कहता रहा, लेकिन आंदोलनकारियों की तरफ से एडवोकेट रजत कलसन ने बताया कि उनकी मांग पूरी नहीं हुई हैं। ऐसे में आंदोलन जारी रहेगा।
महामारी कानून के तहत पुलिस ने धरना संचालक दिनेश, नरेश, अनिल, सुशील, नरेश, गुरमीत, बलकार, गुलशन, कमल बराडा, एडवोकेट रजत कलसन, अशोक नरवाल, संदीप, प्रदीप गौतम, प्रदीप, देवेंद्र, रवि बलाना को नामजद कर 884 अन्य के खिलाफ महामारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। - रविंद्र कुमार, सिविल लाइन थाना प्रभारी।
हालांकि अनुसूचित जाति के लोगों की तरफ से कई दिन पहले ही भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर रावण के आने का ऐलान किया गया था, लेकिन वे नहीं आए। इस बताया गया कि उत्तर प्रदेश में जरूरी मीटिंग होने के कारण वे नहीं आ पाए।