28जेएनडी27-कार्यालय में बैठक करते माकपा पदाधिकारी। स्रोत पार्टी
जींद। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) जिला कमेटी की बैठक पार्टी कार्यालय में हुई। इसकी अध्यक्षता सदस्य बलबीर सिंह ने की। बैठक में निर्णय लिया गया कि गृहमंत्री अमित शाह के इस्तीफे और चुनाव नियमों में संशोधन करने के कदमों के खिलाफ 30 दिसंबर को लघु सचिवालय पर प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें सभी वामपंथी पार्टियां शामिल होंगी।
जिला सचिव कपूर सिंह व कॉमरेड रमेशचंद्र ने बताया कि यह संशोधन इसलिए किया गया है, ताकि राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों की वीडियो और अन्य डिजिटल ट्रेल्स सहित इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड तक पहुंच को प्रतिबंधित किया जा सके, जिन्हें शुरू में चुनाव आयोग ने अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राजनीतिक दलों के परामर्श से शामिल किया था। सरकार ने नए नियमों का मसौदा तैयार करते समय भारत के चुनाव आयोग के साथ परामर्श किया था। हालांकि चुनाव आयोग की कथित सहमति से पहले राजनीतिक दलों के साथ कोई परामर्श नहीं किया गया था, जो वर्षों से स्थापित मिसालों के विपरीत है। सरकार का तर्क है कि इलेक्ट्रोनिक दस्तावेजों का दुरुपयोग रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है, यह तर्क भ्रामक है जो चुनावी प्रक्रिया के संचालन पर याचिकाकर्ता के अधिकार क्षेत्र पर सवाल उठाता है।
संविधान निर्माता डॉ. आंबेडकर पर की गई टिप्पणी के खिलाफ वामपंथी पार्टियों ने 30 दिसंबर को प्रदर्शन कर गृहमंत्री से इस्तीफे की मांग करेगी। उन्होंने कहा कि 26 नवंबर से भूख हड़ताल पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की हालत बेहद गंभीर है, जिस पर सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही है। इस अवसर पर रमेशचंद्र, प्रकाशचंद्र, फूलसिंह, संदीप जाजवान, सुरेश करसोला, नरेश दनौदा, राजेश कुमार, नूतन प्रकाश, पवन कुमार मौजूद रहे।