जींद। कोरोना वैक्सीन लगाने की जो गति फिलहाल चल रही है, उससे पूरे जिले को कवर करने में लगभग दो साल का समय लग जाएगा। जिले की जनसंख्या लगभग 14 लाख है। अब तक जिले के 1,46,892 लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। 16 जनवरी से वैक्सीन लगाने का अभियान शुरू हुआ था। हर महीना लगभग 30 हजार लोगों को वैक्सीन लगती है। लोगों की मांग है कि वैक्सीन लगाने के लिए ओपन कैंप लगाए जाएं ताकि लोग जल्दी जल्दी वैक्सीन लगवा सकें।
फिलहाल 45 से अधिक आयु वर्ग के लोगों को वैक्सीन लगाने के लिए कोई रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं होती। इस आयु वर्ग के लोग जहां पर वैक्सीन लगाई जा रही है, वहां पर आकर वैक्सीन लगवा सकते हैं। इसके अलावा 14 से 44 वर्ष आयु वर्ग के लोगों को पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ता है। उसके बाद शेड्यूलिंग होती है। इसके बाद ही उनको वैक्सीन लगाई जाती है। जिले में प्रतिदिन इस आयु वर्ग के लगभग एक हजार लोग ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाते हैं लेकिन इनमें से 900 के आसपास ही लोग वैक्सीन लगवाने पहुंचते हैं। यदि खुले कैंप लगाकर वैक्सीन लगाई जाए तो अधिक लोग एक दिन में वैक्सीन लगवा सकते हैं। जो लोग निर्धारित समय पर वैक्सीन लगवाने नहीं आते, उनको दोबारा वैक्सीन के लिए अपना शेड्यूल लेना पड़ता है।
ओपन कैंप लगाने को तैयार स्वास्थ्य कर्मी
स्वास्थ्य सुपरवाजइर संघ के प्रदेशाध्यक्ष राममेहर वर्मा ने कहा कि उनके कर्मचारी दिन-रात अपनी ड्यूटी कर रहे हैं और महामारी के इस दौर में अपनी ड्यूटी से पीछे नहीं हटेंगे। विभाग को चाहिए कि ओपन कैंप लगाकर सभी का वैक्सीनेशन करे, ताकि सुरक्षा चक्र जल्दी पूरा हो सके।
ओपन कैंप लगाने के उच्चाधिकारियों की तरफ से कोई निर्देश नहीं हैं। ओपन कैंप लगाने से एकदम भीड़ अधिक होने का अंदेशा है। जिस हिसाब से वैक्सीन लगाई जा रही हैं, उसी हिसाब से वैक्सीन जिले को मिल भी रही है। ओपन कैंप के लिए अधिक मात्रा में वैक्सीन चाहिए। अधिक भीड़ होने से संक्रमण का भी खतरा है।
-डॉ. नवनीत सिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी।