जिले में लगातार दूसरे दिन कोरोना ने बड़ी दस्तक दी है। अर्बन इस्टेट निवासी जिस 23 वर्षीय युवक की बुधवार को रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी उसके परिवार के तीन अन्य सदस्यों की रिपोर्ट भी वीरवार को कोरोना पॉजिटिव आई है। वीरवार को जिले में कुल पांच लोगों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। जिले में दो दिन में कुछ छह एक्टिव केस हो गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की उचाना स्थित आरटीपीसीआर लैब ने वीरवार को 1343 लोगों की रिपोर्ट जारी की है। इनमें से पांच लोगों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। इनमें से तीन अर्बन इस्टेट के रहने वाले, एक ईक्कस गांव निवासी तथा एक उचाना का रहने वाला है। जिले में इस समय छह एक्टिव केस हो गए हैं। अब तक जिले के 21226 लोगों की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आ चुकी है। इनमें से 20674 लोग ठीक हो चुके हैं जबकि 536 संक्रमितों की मौत हो चुकी है। जिले में इस समय छह एक्टिव केस हो गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने वीरवार को 1271 लोगों के कोरोना जांच के लिए सैंपल लिए हैं। अब तक स्वास्थ्य विभाग जिले के 407548 लोगों के सैंपल ले चुका है।
अभी तक नहीं है जिले में कोई ओमिक्रॉन का मामला
जिले में अभी तक कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन का जिले में फिलहाल कोई मामला सामने नहीं आया है। विदेश से अभी तक जिले में कोई ऐसा व्यक्ति नहीं आया है जिसकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई हो। विदेश से आने वाले कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति की ही यह जांच करवाई जाएगी कि उसको किस वैरिएंट ने संक्रमित किया है। इस व्यक्ति का अलग से सैंपल दिल्ली या पूना की लैब में भेजकर जांच करवाई जाएगी।
नहीं हो रहा नियमों का पालन
हालांकि कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं इसके बावजूद लोग लापरवाही बरत रहे हैं। सार्वजनिक स्थानों पर नियमों का पालन नहीं हो रहा है। विशेष कर बस स्टैंड पर लापरवाही बरती जा रही है। बस में सीटिंग से भी अधिक यात्रियों को भरा जा रहा है। इससे कोरोना संक्रमण का खतरा और अधिक बढ़ जाता है।
ओमिक्रॉन की रफ्तार बहुत तेज
जिले में इस समय छह केस आ चुके हैं। दो दिन में यह मामले काफी अधिक हैं। लोगों को बहुत सावधानी बरतने की जरूरत है। ओमिक्रॉन के फैलने की रफ्तार बहुत अधिक है इसलिए लोगों को हर समय मास्क पहनकर रखना चाहिए। भीड़भाड़ के क्षेत्र से बचना चाहिए। इसके अलावा यदि कोई आपके पास गुरुग्राम, दिल्ली या अन्य प्रदेश से व्यक्ति आता है तो उसको छूने से परहेज करें तथा दूरी बनाकर ही बात करें।
-डॉ. जेएस पूनिया, सिविल सर्जन।