सफीदों। हाट गांव में अधिवक्ता से मारपीट के मामले में चल रहे धरने के दौरान भारतीय किसान यूनियन के नेता नवीन मलिक की कथित जातिगत टिप्पणी को लेकर विवाद बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के विरोध में रविवार को अनुसूचित जाति (एससी) समाज के लोग रविदास मंदिर में एकत्रित हुए और कार्रवाई की मांग की।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे युवा नेता सुनील गहलोत ने आरोप लगाया कि टिप्पणी में समाज के प्रति अभद्र शब्दों का इस्तेमाल किया गया जिससे लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति से मतभेद होने पर पूरे समाज को निशाना बनाना गलत है। गहलोत ने बताया कि समाज का प्रतिनिधिमंडल जल्द डीएसपी सफीदों से मिलकर शिकायत देगा। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की।
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सुनील गहलोत ने बताया कि वीडियो सामने आने के बाद उन्होंने हाट धरना कमेटी के प्रधान कामरेड राधेश्याम से भी बातचीत की थी लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला। बैठक में मौजूद लोगों ने निर्णय लिया कि नवीन मलिक के साथ धरने पर बैठे अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच करवाई जाएगी और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की जाएगी।
गहलोत ने कहा कि सफीदों क्षेत्र में जातिगत सौहार्द बनाए रखना जरूरी है। किसान आंदोलन से जुड़े लोगों को भी ऐसी बयानबाजी से बचना चाहिए, जिससे सामाजिक भाईचारे को नुकसान पहुंचे। उन्होंने कहा कि एससी समाज के लोग भी खेती-किसानी से जुड़े हैं और विभिन्न गांवों में उनकी जमीन हैं। ऐसे में जाति के आधार पर किसी को अपमानित करना उचित नहीं है। समाज के लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की।