डीसी से मिलने आए ग्रामीण क्षेत्र के खिलाड़ी।
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अर्जुन स्टेडियम में ग्रामीण खिलाड़ियों को दौड़ लगाने से रोकने को लेकर हुए विवाद के चौथे दिन बाद सोमवार को कई गांवों के खिलाड़ी डीसी से मिलने पहुंचे, लेकिन डीसी के नहीं मिलने पर खिलाड़ियों ने सीटीएम को अपनी समस्या का ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि पहले खिलाड़ी इस समस्या को लेकर जिला खेल अधिकारी राजबाला से भी मिले थे, लेकिन उन्होंने इस मामले में कोई समाधान नहीं किया।
खिलाड़ियों की समस्या का समाधान करने के लिए सीटीएम ने जिला खेल अधिकारी से बात की और खिलाड़ियों को मंगलवार तक समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। 16 सितंबर को अर्जुन स्टेडियम में दौड़ लगाने को लेकर कोच के खिलाड़ियों और ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले खिलाड़ियों के बीच विवाद हो गया था। इसके बाद गांवों से आने वाले खिलाडिय़ों ने कोच पर रेस नहीं लगाने देने का आरोप लगाया था। एथलेटिक्स कोच द्वारा भी खिलाडिय़ों के खिलाफ अभद्र व्यवहार का आरोप लगाते हुए शहर थाना पुलिस को शिकायत दी गई थी। गांव पिंडारा, सिधवी खेड़ा, रधाना, रामराय, ईक्कस, ईगराह, खटकड़ व बरसोला से प्रेक्टिस करने के लिए स्टेडियम में आने वाले खिलाड़ी सुमित रोहिला, अक्षय रोहिला, अंकित कटारिया, बलदेव, संजय पूनिया, मनीष व रोहित ने बताया कि आर्मी की भर्ती को लेकर वह रेस लगाने के लिए करीब 20 से ज्यादा गांवों के खिलाडिय़ों ने ग्रुप बनाया हुआ है। गु्रप में ही वह रेस गाते हैं, लेकिन यहां स्टेडियम में सरकारी कोच और उसके अंतर्गत प्रेक्टिस करने वाले खिलाडिय़ों द्वारा उन्हें दौड़ लगाने से रोका जा रहा है।
अर्जुन स्टेडियम में खिलाड़ियों को कोच द्वारा सुबह छह से नौ बजे तक और शाम को चार से सात बजे तक प्रेक्टिस करवाई जाती है। वह सुबह के समय आधा घंटा पहले प्रेक्टिस खत्म कर देंगे। गांवों से आने वाले युवा सुबह साढ़े आठ बजे से शाम चार बजे तक किसी भी समय रेस लगाने के लिए आ सकते हैं। अगर फि र भी किसी तरह की दिक्कत है, तो बच्चे उनसे आकर मिल सकते हैं, समस्या के समाधान का प्रयास किया जाएगा।
--राजबाला दहिया, जिला खेल अधिकारी जींद।