जींद। नगर परिषद ने शहर में सात नहीं, बल्कि तीन दिन में हर पॉइंट से गंदगी उठान की व्यवस्था बनाई थी, ताकि शहर को स्वच्छ रखा जा सके, मगर सफाई व्यवस्था में कोई सुधार नहीं है।
शहर की हुडा मार्केट में चारों तरफ कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। यहां पर कूड़े को नगर परिषद की तरफ से रखवाए गए डस्टबिन में भी नहीं डाला जा रहा। इसके कारण बेसहारा पशु इनको खाकर बीमार हो रहे हैं।
शहर को गंदगी से मुक्ति दिलवाने के लिए नगर परिषद ने कई बार व्यवस्थाओं में भी बदलाव किया है, लेकिन कोई कामयाब नहीं हो रहा है। पहले शहर के हर पॉइंट की सात दिन के अंदर सफाई करने की व्यवस्था थी। सात दिन में कूड़े के बड़े-बड़े ढेर लग जाते थे। इसको लेकर शहर के लोगों को बदबू से परेशानी होती थी। इसका विरोध होने पर अब दो से तीन दिन में कूड़ा उठाने की व्यवस्था की गई। इसके बावजूद भी शहर में अधिकतर स्थानों पर कूड़े के ढेर लगे दिखाई दे रहे हैं।
हालांकि नगर परिषद ने शहर से कूड़ा उठाने की बेहतर व्यवस्था कर रखी है। इसके लिए शहर को चार जोन में बांटकर 187 कर्मचारी लगाए हुए हैं। इन चारों जोनों की सफाई व्यवस्था की जांच के लिए एचएसआई व एसआई की ड्यूटी भी लगाई हुई है। इसके अलावा 45 गाड़ियां शहर में हर घर जाकर कूड़ा उठाती हैं। इसके अतिरिक्त 20 छोटे ट्रैक्टर कूड़े की लिफ्टिंग के लिए लगाए हुए हैं। इतनी व्यवस्थाओं के बावजूद भी कूड़े का निपटान सही से नहीं हो रहा। अधिकतर स्थानों पर नगर परिषद ने डस्टबिन रखवाए हुए हैं। इनमें कूड़ा डालने की बजाए बाहर कूड़ा डाला जा रहा है। इसके कारण खुले में पड़े पॉलिथीन व अन्य गंदगी को गोवंश खाकर बीमार हो रहा है।
उठवाया जाएगा कचरा : शहर में जहां पर भी कचरा है। नगर परिषद की टीम हर तीसरे या फिर दूसरे दिन उठाती है। कुछ लोग कचरे को डस्टबिन में नहीं डालते, बल्कि खुले में डाल देते हैं। इसके कारण गोवंश भी बीमार होता है। लोगों को चाहिए की कचरे को डस्टबिन में डालें, ताकि शहर में सफाई व्यवस्था को बरकरार रखा जा सके। -अनिल नैन, सीएसआई, नगर परिषद, जींद।
22जेएनडी22: शहीद स्मारक के पीछे लगे पॉलिथिन व कचरे के ढेर। संवाद
22जेएनडी22: शहीद स्मारक के पीछे लगे पॉलिथिन व कचरे के ढेर। संवाद
22जेएनडी22: शहीद स्मारक के पीछे लगे पॉलिथिन व कचरे के ढेर। संवाद