फोटो कैप्शन जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय के समीप सफाई के लिए नाले से उखाड़े गए पत्थर। संवाद
सफीदों। मानसून की दस्तक से पहले जलभराव की समस्या से निपटने के लिए जन स्वास्थ्य विभाग ने शहर में नालों, नालियों, सीवरेज और स्टॉर्म वाटर ड्रेनों की सफाई का कार्य शुरू कर दिया है। इस पर करीब 12 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
विभाग ने बरसात से पहले सभी जल निकासी तंत्र को दुरुस्त करने का लक्ष्य तय किया है। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण कर सफाई कार्य की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से उन इलाकों पर ध्यान दिया जा रहा है जहां हर साल जलभराव की समस्या रहती है।
महात्मा गांधी मार्ग स्थित बरसाती नाले की जेसीबी मशीन से गाद निकालने का काम शुरू किया गया है। इससे शहर की कई गलियों और बाजारों का पानी इसी नाले में जाता है। बारिश के दौरान ओवरफ्लो की समस्या भी सामने आती रही है।
बड़ी गोशाला मार्ग, महात्मा गांधी रोड, खानसर चौक, जींद रोड, पुरानी अनाज मंडी और सब्जी मंडी रोड सहित कई क्षेत्रों में नालों की सफाई जारी है। संकरी गलियों में कर्मचारी नालियों की सफाई कर रहे हैं। विभाग का दावा है कि इस बार शहर में जलभराव की समस्या नहीं आने दी जाएगी।
दिन के समय बाजारों में सफाई कार्य से यातायात प्रभावित होता है। इसी कारण कुछ स्थानों पर रात के समय भी सफाई करवाई जा रही है। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि बरसात में जलभराव से बचाव के लिए विभाग समय रहते प्रभावी कदम उठाए।
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शहर में नालों की साफ सफाई कराई जा रही है। बरसाती मौसम से पहले यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इसमें जन स्वास्थ्य विभाग और नगरपालिका की ओर से 12 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
आशीष कुमार, सचिव, नगरपालिका सफीदों