जींद। जिले में लगातार बढ़ रही गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी तरह की तैयारियाें को अस्पताल में अंतिम रूप दिया है। इसको लेकर प्रशासन ने एडवाइजरी भी जारी की है। वहीं अस्पताल प्रशासन ने भी अपनी तरफ लू लगने वाले मरीजों के लिए विशेष वार्ड बनाया गया है। ताकि गर्मी से प्रभावित व्यक्ति को तुरंत प्रभाव से उपचार दिया जा सके।
नागरिक अस्पताल में हीट स्ट्रोक से बचाव को लेकर पुराने भवन में स्पेशल वार्ड बनाया गया है। जहां 8 बेड लगाए गए हैं। इसके साथ ही कमरे के बाहर गर्मी से बचाव को लेकर पोस्टर चस्पा किया गया है, हालांकि अभी तक गर्मी और लू के प्रकोप का एक भी मरीज अस्पताल में नहीं आया है। नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 1600 से अधिक ओपीडी होती है। इन दिनों लगातार तापमान बढ़ रहा है। रविवार को अधिकतम तापमान 41 डिग्री तो न्यूनतम तापमान 21 डिग्री दर्ज किया गया। हवा की गति आठ किलोमीटर व मौसम में आद्रता 14 प्रतिशत रही। ऐसे में लू और तेज गर्मी लगना आम बात है। वहीं गर्मी से डायरिया, उल्टी व दस्त की शिकायत भी होती है। छोटे बच्चे व वृद्ध सबसे ज्यादा इसकी चपेट में आते हैं। ऐसे में गर्मी से राहत देने के लिए अस्पताल प्रबंधन ने विशेष इंतजाम किए हैं। उल्टी, दस्त के मरीजों के लिए स्पेशल वार्ड तैयार करवा दिया गया है। इस कमरे में मरीजों के लिए कूलर की भी व्यवस्था की गई है। ठंडा पानी और जरूरी दवाइयां यहां पर रखी गई है।
सरकारी विभागों को पत्र लिख ओआरएस के पैकेट की व्यवस्था के निर्देश
स्वास्थ्य विभाग ने हरियाणा, रोडवेज विभाग, शिक्षा और महिला व बाल विकास विभाग को पत्र भेजकर सभी संस्थानों में आने वाले सभी लोगों के लिए ओआरएस के पैकेट की व्यवस्था करने की बात कही है, ताकि लू और डिहाइड्रेशन से बचाव में मदद मिल सके।
गर्मी व लू के बचने के लिए यह रखें ध्यान
गर्मी व लू से बचने के लिए पानी, छांछ, ओआरएस का घोल या घर में बने पेय जैसे लस्सी, नींबू पानी का सेवन समय-समय पर करते रहें। दोपहर 12 से दोपहर 3 बजे के बीच धूप में बाहर निकलने से बचें। धूप में निकलते समय अपना सिर ढक कर रखें। कपड़े, टोपी व छतरी का उपयोग करें। धूप में निकलने के पहले तरल पदार्थ का सेवन करें। पानी हमेशा साथ रखें। शरीर में पानी की कमी न होने दें। सूती, ढीले व आरामदायक कपड़े पहनें। सिंथेटिक व गहरे रंग के वस्त्र पहनने से बचें। जानवरों को छाया में रखें और उन्हें पर्याप्त मात्रा में पीने का पानी दें। धूप और गर्म हवा के संपर्क के तुरंत बाद स्नान न करें। गर्म, वसायुक्त, ज्यादा प्रोटीन वाले भोजन और अल्कोहल, चाय, काफी जैसे पेय पदार्थ का उपयोग कम से कम करें।
गर्मी को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। अस्पताल में जगह-जगह वेटिंग के लिए कुर्सियों लगाई गई हैं। कोशिश तो यही है कि बढ़ रही गर्मी को देखते हुए मरीजों को किसी तरह की कोई परेशानी न हो। फाइल बनने में मरीजों को जो टाइम लग जाता है, यह समस्या उनके समक्ष आई है। जिस कम किए जाने का प्रयास किया जाएगा।
डाॅ. सुमन कोहली, सिविल सर्जन, नागरिक अस्पताल जींद।