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बेसहारा पशुओं की शरणस्थली बना नागरिक अस्पताल

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ब्लड बैंक के अंदर बैठा बेसहारा पशु। संवाद। - फोटो : Jind
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जींद। शहर की सड़कों के साथ-साथ अब नागरिक अस्पताल पर भी बेसहारा पशुओं ने कब्जा जमा लिया है। नागरिक अस्पताल की पुराने भवन के साथ-साथ नए भवन के ब्लड बैंक में भी बेसहारा पशु पहुंच रहे हैं। इससे साफ है कि अस्पताल के सिक्योरिटी गार्ड सो रहे थे तो इस मौके का बेसहारा पशुओं ने लाभ उठाया और अस्पताल के अंदर ही पहुंच गए। इससे अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लग रहे हैं।
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आम दिनों की तरह शनिवार रात को भी नागरिक अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में लोगों का आना-जाना लगा रहता है। इसके अलावा अस्पताल में दाखिल मरीजों के तीमारदार भी आते-जाते रहते हैं लेकिन अस्पताल में घुसने वाले बेसहारा पशुओं को रोकने वाला यहां कोई नहीं है। बेसहारा पशु आराम से नागरिक अस्पताल में प्रवेश करते हैं और पुरानी बिल्डिंग में बने इमरजेंसी वार्ड के पीछे वाली गैलरी में आराम फरमा रहे हैं। इसके अलावा नए भवन में स्थित ब्लड बैंक के अंदर भी बेसहारा पशु आराम फरमाते हैं। वैसे तो सुरक्षा के हिसाब से रात के समय भी अस्पताल में सिक्योरिटी गार्ड की ड्यूटी होती है लेकिन सिक्योरिटी गार्ड रात को सो जाते हैं। इन पशुओं के अस्पताल में घुसने से अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान तो लगते ही हैं, साथ ही इन पशुओं द्वारा किए जाने वाले गोबर व मूत्र से यहां गंदगी भी फैलती है।
केवल नाममात्र है सुरक्षा
अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार पर भी पशुओं को अंदर जाने से रोकने के लिए कैटल ट्रैक भी लगाया हुआ है। इसके बावजूद पशुओं का अस्पताल के अंदर जाना अपने आप में सुरक्षा को चुनौती देना है। जब अस्पताल में पशु ही घुस सकते हैं तो फिर यहां पर कुछ भी चोरी हो सकता है। इनको रोकने वाला कोई नहीं है।
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सुरक्षा के लिहाज से रात को अस्पताल में सुरक्षाकर्मी होते हैं लेकिन अस्पताल में पशु कैसे घुस गए, इसका पता लगाया जाएगा। ड्यूटी पर तैनात सिक्योरिटी गार्डों से इसका जवाब मांगा जाएगा।
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-डॉ. मंजू कादियान, सिविल सर्जन।

नागरिक अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के पीछे से जाने वाली गैलरी में बैठा बेसहारा पशु। संवाद।- फोटो : Jind

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