संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। शहर के वार्ड-31 के पार्षद ने नगर परिषद चेयरपर्सन पर गलियों के टेंडर रोकने के आरोप लगाए हैं। चेयरपर्सन उनके वार्ड का विकास जान बूझकर नहीं होने देना चाहती। इसको लेकर वह नगर परिषद उच्च अधिकारियों से भी मिल चुके हैं, लेकिन फिर भी उनके वार्ड की गलियों के टेंडर नहीं खोले हैं। ऐसे में वार्ड की गलियों का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
अगले महीने से बारिश का मौसम शुरू हो जाएगा, जिससे गलियों का निर्माण कार्य पूरा नहीं पाएगा। ऐसे में उनके वार्ड की गलियों के टेंडर जल्द खोले जाएं। पार्षद संजय गोयल का कहना है कि उनके वार्ड की तीन गलियों के टेंडर लगाए गए थे, जिनकी राशि कुल 53 लाख 13 हजार 665 रुपये थी। इसमें त्रिलोक जैन वाली गली पर 16 लाख 90 हजार 538 रुपये खर्च होने हैं।
इसके अलावा कृष्ण के मकान से लेकर रेलवे पार्क तक की गली का निर्माण 16 लाख 93 हजार 583 रुपये से होना है। गंगा मशीनरी स्टोर से टपरीवास काॅलोनी तक की गली के निर्माण पर 13 लाख 61 हजार 339 रुपये खर्च हाेने हैं और प्याऊ से लेकर राजकुमार जिंदल तक की गली के निर्माण पर पांच लाख 68 हजार 205 रुपये खर्च किए जाएंगे।
विधायक की बैठक में उठाएंगे मामला
वीरवार को पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह में होने वाली अधिकारियों की बैठक में यह मामला उठाया जाएगा। अधिकारियों की होने वाली बैठक की अध्यक्षता स्थानीय विधायक डॉ. कृष्ण चंद मिड्ढा करेंगे। पार्षद संजय गोयल का कहना है कि नगर परिषद द्वारा उनके वार्ड-31 की अनदेखी की जा रही है। इसको लेकर वह नगरायुक्त और नगर परिषद के अन्य अधिकारियों से मिल चुके हैं, लेकिन उनकी मांग पर कोई अमल नहीं हुआ है। नगरायुक्त से वह 15 दिन पहले मिले थे तो उन्हें आश्वासन मिला था कि दो-चार दिन में गलियों के टेंडर खोल दिए जाएंगे, लेकिन अब तक टेंडर नहीं खोले गए हैं।
गलियों के निर्माण कार्य के टेंडर नगर परिषद चेयरपर्सन द्वारा खोले जाने हैं। उनके फाइल पर हस्ताक्षर हो चुके हैं और उनके कार्यालय से फाइल आगे जा चुकी है। आगे का कार्य चेयरपर्सन द्वारा किया जाना है।
-सुशील भुक्कल, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद, जींद
शहर के सभी 31 वार्डों में समान रूप से विकास कार्य करवाया जा रहा है। वार्डों के अनुसार विकास कार्यों के टेंडर लगाए और खोले जा रहे हैं। उन पर जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वह बेबुनियाद हैं। वार्ड-31 के पार्षद चाहते हैं कि उनके चेहते ठेकेदार से कार्य हों। इससे पहले दूसरे ठेकेदार द्वारा कार्य करवाए जा रहे थे तो उन्होंने निर्माण कार्य क्यों रुकवाया था।
-अनुराधा सैनी, चेयरपर्सन, नगर परिषद जींद।