23जेएनडी04: बैठक को संबोधित करती वक्ता। स्रोत संगठन
जींद। मजदूर संगठन सीटू की बैठक शनिवार को जिला प्रधान सतबीर खरल की अध्यक्षता में शहीद सूबे सिंह स्मारक में हुई। बैठक में 26 नवंबर को जिला मुख्यालय पर होने वाले किसान मजदूर के संयुक्त आक्रोश प्रदर्शन में बढ़चढ़ कर भाग लेने का निर्णय लिया गया।
जिला सचिव कपूर सिंह ने कहा कि 26 नवंबर को किसान आंदोलन की बरसी पर भाजपा सरकार की वादाखिलाफी, किसानों, मजदूरों व कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर चेतावनी दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। महंगाई, बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है। सरकारी विभागों को कौड़ियों के भाव भाजपा सरकार अपने चहेतों को लुटा रही है। देश व विदेश की जनता को जातिवाद और सांप्रदायिकता के आधार पर बताकर जनता के असल मुद्दों से ध्यान भटकाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि न्यूनतम वेतन 26 हजार किया जाए। आशा, मिड-डे मील, क्रेच वर्कर्स, आंगनबाड़ी वर्कर्स, ग्रामीण सफाई कर्मियों, चौकीदारों, वन मजदूरों सहित सभी कच्चे कर्मियों को पक्का किया जाए। निजीकरण, बढ़ती बेरोजगारी व महंगाई पर रोक लगाई जाए। एमएसपी की गारंटी और किसानों से किए वादे पूरे किए जाएं। बिजली बिल 2023 रद्द किया जाए। मजदूर विरोधी चारों लेबर कोड रद्द किए जाएं। मनरेगा का बजट बढ़ाया जाए। इस अवसर पर संदीप दालमवाला, रमेशचंद्र, संदीप जाजवान, पवन, राजेश, नीलम, राजबाला मौजूद रही।