पेट्रोल पंप से सैंपल भरते अधिकारी।
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जींद रोड स्थित इंडियन ऑयल कंपनी के संगीता फिलिंग स्टेशन पर दो उपभोक्ताओं ने पेट्रोल में पानी की मिलावट के आरोप लगाए हैं। मामले की शिकायत खाद्य आपूर्ति विभाग को दी है। मौके पर पहुंचकर सप्लाई निरीक्षक अमित सैनी, माप-तोल निरीक्षक ईश्वर दत्त व एएफएसओ सतीश सेतिया ने टीम के साथ पंप में लगी सभी मशीनों से पेट्रोल के सैंपल भरें।
गांव सिंघाना निवासी सुखदेव व गांव रत्ताखेड़ा निवासी अजीत ने कहा है कि शुक्रवार शाम को करीब साढ़े छह बजे उन्होंनेे संगीता फिलिंग स्टेशन से पेट्रोल लिया था। इसमें अजीत ने 140 रुपये का पेट्रोल बोतल में व सुखदेव ने 90 रुपये का पेट्रोल अपनी बाइक में डलवाया था। जैसे ही सुखदेव अपनी पत्नी और बच्चों को बाइक पर बैठकर कुछ दूरी पर स्थित बाईपास तक पहुंच तो उसकी बाइक बंद हो गई। उसने बाइक चालू करने के काफी प्रयास किए, लेकिन बाइक नहीं चली। तभी सुखदेव अपनी बाइक को पंप पर लेकर पहुंचा और उन्होंने सेल्समैन से इस बारे में पूछा तो उन्होंने कोई सही जवाब नहीं दिया। कुछ ही देर में अजीत ने भी जब बोतल में नीचे पानी दिखाई दिया तो वह भी पंप पर पहुंच गया और उन्होंने इसकी शिकायत पंप के मालिक व सेल्समैन से की। सुखदेव ने भी एक बोतल में अपनी बाइक से पेट्रोल निकाला तो उसके पानी की मात्र दिखाई दी। तभी उन्होंने इसकी शिकायत खाद्य आपूर्ति विभाग में की। अधिकारियों द्वारा पंप से फिलहाल सैंपल भर लिए गए हैं और साथ ही पंप प्रबंधक को एक मशीन फिलहाल बंद रखने के आदेश दिए हैं। हालांकि पंप के सेल्समैन अधिकारियों के सैंपल के दौरान भी उसी मशीन से पेट्रोल डाल रहे थे। सप्लाई निरीक्षक अमित सैनी ने कहा कि जांच के बाद ही पता चलेगा कि पेट्रोल में पानी है या नहीं।
एथेनॉल टैंक में नमी के कारण पेट्रोल से हो जाता है अलग
संगीता फिलिंग स्टेशन के प्रबंधक डॉ. अनील गोत्तम ने कहा कि पेट्रोल में दस प्रतिशत एथेनॉल की मात्रा कंपनियों द्वारा डाली जाती है। एथेनॉल के रासायनिक गुण के कारण एथेनॉल टैंक में नमी के कारण पेट्रोल से अलग हो जाती है, तो पानी जैसी दिखाई देती है। इससे कई बार वाहन भी बीच में ही बंद हो सकता है। सुबह ही उनके टैंकों की मोबाइल वैन लैब जांच करके गई है। जोकि सरकार व इंडियन ऑयल के अधिकारी करते हैं। इस जांच में उनका तेल बिल्कुल सही बताया गया है। यह रिपोर्ट अधिकारियों को भी सौंपी गई है।
क्या कहते हैं पेट्रोल पंव एसोसिएशन के प्रधान और सचिव
पेट्रोल पंप एसोसिएशन के प्रधान अशोक शर्मा व सचिव ओमप्रकाश सिंगला ने कहा कि दस प्रतिशत एथेनॉल को नहीं डाले के बारे में एसोसिएशन ने सरकार सेे मांग की, लेकिन सरकार ने मांग नहीं मानी थी। इसमें कई बार उपभोक्ताओं को एथेनॉल के कारण परेशानी होती है। सरकार अब एथेनॉल की मात्रा 15 प्रतिशत तक भी करने का मन बनाए हुए है जोकि सभी कंपनियों के तेल में डलता है। ऐसे में जनता से इसकी आवाज उठानी चाहिए।
पेट्रोल की बोतल में पानी दिखाते उपभोक्ता अजीत।- फोटो : Jind