जींद। 26 और 27 जुलाई को दो सत्रों में परीक्षा हुई। 27 जुलाई को दूसरे सत्र में हुई परीक्षा के बाद देर रात जो अभ्यर्थी अपने घर वापस नहीं लौट सके उनके लिए बसों में एडमिट कार्ड दिखाकर सेंटर से अपने गृह जिला तक निशुल्क यात्रा की सुविधा दी गई थी। जींद के अभ्यर्थियों का करनाल, पानीपत और कैथल में सेंटर आया हुआ था।
रविवार को दूसरे दिन जिलेभर से सीईटी अभ्यर्थियों की परीक्षा के लिए 582 बस चलाई गईं, जो 31 हजार 80 अभ्यर्थियों को कैथल, करनाल और पानीपत में परीक्षा केंद्रों तक लेकर गई। वहीं 98 बस शटल बस सर्विस के रूप में प्रयोग की गई जो 3700 अभ्यर्थियों को लेकर जींद जिले में बने 49 परीक्षा केंद्रों के लिए लेकर रवाना हुई।
प्रदेश के विभिन्न जिलों में सीईटी (कॉमन इलिजिबिलिटी टेस्ट) की परीक्षा देने गए जो अभ्यर्थी देर होने या दूसरे कारण से रविवार को अपने घर या जिले तक नहीं लौट पाए, वह सोमवार को एडमिट कार्ड दिखाकर निशुल्क अपने गृह जिला पहुंचे। अभ्यर्थियों को परिचालक को एडमिट कार्ड दिखाना था।
रविवार शाम की शिफ्ट की परीक्षा खत्म होने के बाद देरी के कारण कुछ अभ्यर्थी अपने घर नहीं लौट पाए थे। रोडवेज की बसें देर शाम तक चलती रहीं लेकिन इसके बावजूद भी सभी अभ्यर्थी अपने घर तक नहीं पहुंच पाए। ऐसे अभ्यर्थी सोमवार को भी आसानी से अपने घर लौट सकें, इसके लिए परिवहन विभाग ने अभ्यर्थियों के लिए सोमवार को भी निशुल्क यात्रा की सुविधा दी।
जींद से कैथल, पानीपत, करनाल के लिए शनिवार को 600 और रविवार को 582 बसें चलाई गई। इनमें 50 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी ने सफर किया। जींद डिपो महाप्रबंधक राहुल जैन ने कहा कि दोनों दिन अभ्यर्थियों को बसों की बेहतर सुविधा प्रदान की गई।
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जिला स्तरीय तीज महोत्सव को लेकर भेजी 20 स्पेशल बस
सीआरएसयू (चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय) में सोमवार को जिला स्तरीय तीज महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। कार्यक्रम में आने वाली महिलाओं के लिए रोडवेज जींद डिपो की ओर से 20 बस भेजी गई। इसमें शामलो कलां, लिजवाना खुर्द, किनाना, मनोहरपुर, अशरफगढ, पोंकरीखेड़ी, दुड़ाना, पेगां, थुआ, गतौली, कोयल, हसंडेहर, बधाना, ढाकल, नारायणगढ़, ढाबा टेकसिंह, तारखां, सफ्फा खेड़ी, पालवां, मांडी खुर्द, खेड़ी खेमावती से बस यात्रियों को लेकर सीआरएसयू पहुंची।
बसों के संचालन को लेकर किसी तरह की परेशानी नहीं आई। सीईटी के दूसरे दिन रविवार को जो अभ्यर्थी देर होने के कारण अपने घर वापस नहीं लौट सके, उनकी सुविधा के लिए सोमवार को भी एडमिट कार्ड दिखाकर अपने गृह जिला तक निशुल्क यात्रा दी गई थी। रोडवेज का प्रयास है कि यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा मुहैया कराई जा सके।
-राहुल जैन, रोडवेज महाप्रबंधक जींद डिपो।