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Jind News: अब क्यूआर कोड को स्कैन कर कोई भी बन सकता है निक्षय मित्र

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जींद। वर्ष 2025 में जिला को टीबी मुक्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार काम कर रहा है। इसी के चलते टीबी रोगियों को डाइट से संबंधित किसी तरह की आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने क्यूआर कोर्ड प्रणाली शुरू की है। इस प्रणाली से कोई भी क्यूआर कोड को स्कैन कर निक्षय मित्र बन सकता है। निक्षय मित्र टीबी रोगियों के लिए डाइट को लेकर आर्थिक मदद उपलब्ध कराता है।
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जिला में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाने के लिए मुख्यालय से एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) की ओर से एक अच्छी पहल सार्थक कैंपेन की ओर से जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का निरीक्षण व मूल्यांकन करने के लिए बैठक की थी।
इस दौरान टीबी निक्षय पोषण योजना के तहत निक्षय मित्र बनकर अपने अधीन क्षेत्र में टीबी के इलाज पर चल रहे 100 प्रतिशत क्षय रोगियों को गोद लेने का संकल्प लिया गया। इसमें स्वास्थ्य विभाग से लगभग 300 अधिकारियों और कर्मचारियों ने टीबी रोगियों को गोद लेने का संकल्प लिया।
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स्वास्थ्य विभाग ने शुरू किया सीवाई टीबी टेस्ट


जिले में टीबी के मरीजों की संख्या 1991 है और लगभग 1350 से अधिक मरीजों को निक्षय मित्रों की ओर से गोद लिया जा चुका है। जिले में टीबी का भविष्य में कोई मरीज नहीं मिले और शुरुआत लक्षणों में जिन मरीजों की रिपोर्ट सही नहीं मिलती थी, उनके लिए अब स्वास्थ्य विभाग ने जिला नागरिक अस्पताल और खंड के नागरिक अस्पतालों में सीवाई टीबी की जांच शुरू कर दी है। इसमें हाई रिस्क वाले लोगों में कोई टीबी संक्रमित तो नहीं, इसका पता लगेगा। 48 से 72 घंटे बाद पांच एमएम से ज्यादा का इंडयूरेशन टीबी संक्रमण माना जाएगा। टीबी संक्रमण की आधुनिकतम जांच विधि सीवाई टीबी को फोरआर्म में 0.1 एमएल इंट्राडर्मल लगाया जाएगा। संक्रमण पाए जाने पर संबंधित के अन्य टेस्ट कराकर टीबी का इलाज कर मरीज को ठीक किया जाएगा। सीवाई टीबी टेस्ट एक प्रकार का त्वचा परीक्षण है लेकिन यह अधिक उन्नत तकनीक का है। टेस्ट के परिणाम 48 से 72 घंटे के बीच में देखे जाते हैं।


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नागरिकों से आह्वान किया कि वह भी निक्षय मित्र बन कर टीबी मरीजों को गोद लेकर टीबी उन्मूलन कार्यक्रम में योगदान दें। वह खुद ही दिए गए कोड को स्कैन करके निक्षय मित्र बन सकते हैं और टीबी मरीजों को गोद ले सकते हैं। सरकार टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत दिसंबर माह तक प्रदेश को टीबी मुक्त करने के लिए प्रयासरत हैं। निक्षय मित्र बनने के लिए क्यूआर कोड की सुविधा भी उपलब्ध है।
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-डॉ. जेके मान, जिला क्षय रोग नोडल अधिकारी
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