जींद। पटियाला चौक निवासी सीमा सैन के मन में खुद का कुछ काम करने की इच्छा थी। पढ़ाई के बाद परिजनों ने सीमा की शादी कर दी लेकिन उन्होंने अपने सपने को जिंदा रखा। उन्होंने पति का सहयोग लिया और ब्यूटी पार्लर का काम शुरू किया।
सीमा सैन ने पार्लर को न केवल खुद के उत्थान का हथियार बनाया बल्कि हजारों लड़कियों को काम भी सिखाया। सीमा ने 200 से ज्यादा ऐसी लड़कियों को प्रशिक्षण दिया जिनकी आर्थिक स्थिति कमजोर थी। उनकी शादी में निशुल्क मेकअप भी किया ताकि धन के अभाव में उनके अरमानों अधूरे न रहें।
पटियाला चौक पर शगुन ब्यूटी पार्लर के नाम से सीमा का पार्लर चल रहा है। आज शहर व आसपास के गांवों में सैकड़ों की संख्या में सीमा से प्रशिक्षण प्राप्त लड़कियों के पार्लर चल रहे हैं।
सीमा के पति का अलग से सैलून था उन्होंने शादी के बाद पति के साथ भी काम किया। इसके बाद उन्होंने महिलाओं के लिए अलग से सैलून शुरू किया ताकि परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ वह समाज में अपनी भी पहचान बना सके। इसमें पति ने उनका बहुत अधिक सहयोग दिया।
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सीमा सैन ने बताया कि महिलाओं के लिए किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ना एक चुनौती होती है। उन्होंने कोर्स करके खुद को बेहतर बनाया। आज के समय में हर क्षेत्र में होड़ है। इसके चलते उन्होंने पार्लर के हर तरह के कार्य को लगन से सीखा। अब वह एक पार्लर संचालक ही नहीं बल्कि रोजगार देने वाली महिला बनी हैं।
उनके पास सीखकर गई युवतियों के आज शहर व आसपास के गांव में पार्लर अच्छे चल रहे हैं। इससे उनको गर्व महसूस होता है कि उनकी शुरूआत से आज सैकड़ों महिलाएं आत्मनिर्भर बनीं।
23जेएनडी22: सीमा सैन।