फोटो 13जेएनडी06-जिला स्तरीय शिक्षक कार्यशाला में मौजूद अध्यापक-अध्यापिकाएं। स्रोत शिक्षक
जींद। राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस-2026 के तहत राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में जिला स्तरीय शिक्षक कार्यशाला आयोजित की गई। इंडियन रिसोर्स एंड डेवलपमेंट एसोसिएशन और हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद के संयुक्त तत्वावधान में हुई कार्यशाला में 50 विज्ञान शिक्षकों ने भाग लिया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों की वैज्ञानिक जिज्ञासा और प्रतिभा को पहचानकर उन्हें विज्ञान, नवाचार एवं शोध की दिशा में प्रेरित करना रहा।
सहायक परियोजना समन्वयक रणबीर ढिल्लों ने कहा कि विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना सशक्त राष्ट्र निर्माण की पहली सीढ़ी है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण रखने वाला विद्यार्थी समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देने के साथ आत्मनिर्भर भी बन सकता है।
राज्य संयोजक राजपाल पांचाल ने बताया कि राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस विद्यार्थियों को स्थानीय समस्याओं की पहचान, आंकड़े जुटाने और उनका विश्लेषण करने के साथ वैज्ञानिक विधि से व्यावहारिक एवं टिकाऊ समाधान तलाशने के लिए प्रेरित करती है। जिला विज्ञान विशेषज्ञ रणधीर लोहान ने इसे बच्चों को अनुसंधान के लिए प्रेरित करने वाला अनूठा राष्ट्रीय मंच बताया।
जिला समन्वयक प्रवीण कुमार और आशीष कुमार ने स्रोत व्यक्तियों के रूप में शिक्षकों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 का मुख्य विषय ‘सतत विकास के लिए विज्ञान एवं नवाचार’ रखा गया है। 10 से 17 वर्ष के विद्यार्थी कनिष्ठ व वरिष्ठ वर्ग में भाग लेंगे।
दो विद्यार्थियों की टीम मार्गदर्शक शिक्षक के निर्देशन में शोध परियोजना तैयार करेगी। कार्यशाला के समापन पर शिक्षकों से विद्यार्थियों को आसपास की समस्याओं को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखने और उनके समाधान तलाशने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया गया।