जींद। पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह ने बाजरे के लिए बनाई गई सरकार की भावांतर योजना पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना से किसान की बजाय व्यापारियों को लाभ होगा। बीरेंद्र सिंह यहां मंगलवार देर शाम अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
बीरेंद्र सिंह ने कहा कि जब व्यापारियों को पता है कि सरकार बाजरे पर 600 रुपये प्रति क्विंटल किसान को देगी तो फिर वे बाजरे को बहुत कम भाव पर खरीदेंगे और उसे मोटे मुनाफे पर बेच देंगे। किसान का बाजरा अधिक भाव पर कोई नहीं खरीदेगा। उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने फसल बीमा योजना के तहत बीमा करवाया है, उनको मुआवजा देने में कोई किंतु-परंतु नहीं होना चाहिए। बीमा कंपनियां कभी फार्म पूरा नहीं है, कभी यह कह रही हैं। वो इस प्रकार के बहाने बनाकर किसानों को मुआवजा देने से मना करती हैं। इन सभी किंतु-परंतु को हटाकर तुरंत किसानों को मुआवजा देना चाहिए। इसके अलावा सरकार विशेष गिरदावरी करवाकर किसानों को मुआवजा दे, क्योंकि कहीं-कहीं तो कपास की फसल शत-प्रतिशत खराब हो चुकी है। इसके अलावा धान की फसल भी काफी खराब हुई है। इससे किसानों को काफी आर्थिक नुकसान हुआ है। सरकार को किसानों को राहत देने के लिए उनको मुआवजा देना चाहिए।