आप के सांसद डॉ. सुशील गुप्ता से बातचीत करते मंच पर बैठे चौधरी बीरेंद्र सिंह।
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मंच पर पहुंचे विभिन्न पार्टियों के नेता, वर्तमान विधायक व सांसदों की खली कमी
पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह के कार्यक्रम में यूं तो कई राजनीतिक दलों के नेता पहुंचे लेकिन इनमें से अधिकतर पूर्व सांसद, विधायक या मंत्री रहे। मंच नेताओं के जमावड़े के बावजूद वर्तमान सांसद व विधायकों की कमी खलती रही। कार्यक्रम के संयोजक पूर्व शिक्षा मंत्री प्रोफेसर रामबिलास शर्मा रहे तो सह संयोजक हिसार से सांसद बृजेंद्र सिंह रहे। बीरेंद्र सिंह ने विभिन्न राजनीतिक दलों को एक मंच पर लाकर नई राजनीतिक व्यवस्थाओं की ओर इशारा किया है।
कार्यक्रम में आम आदमी पार्टी के हरियाणा प्रभारी सुशील गुप्ता, इनेलो विधायक अभय सिंह चौटाला, पूर्व मंत्री रामपाल माजरा, पूर्व मंत्री पीयूष गोयल, किसान नेता युद्धबीर सिंह, पूर्व मंत्री सुभाष बत्रा, कृष्ण मूर्ति हुड्डा, सीमा गैबीपुर, रामकिशन बैरागी सहित काफी गणमान्य जन पहुंचे।
बीरेंद्र सिंह ने कार्यकर्ताओं से कहा, जो आप चाहते वही होगा
हालांकि ‘आप’ नेता डॉ. सुशील गुप्ता द्वारा दिए ऑफर व अभय चौटाला द्वारा तीसरे मोर्च का नेतृत्व करने के आह्वान पर लोगों ने खूब तालियां बजाई। हालांकि बीरेंद्र सिंह ने अपनी नई राजनीतिक पारी के बारे में पत्ते नहीं खोले, लेकिन इतना जरूर कहा कि उनके कार्यकर्ता जो चाहते हैं, वही होगा।
राजनीति में किस्मत का बड़ा महत्व
कार्यक्रम के दौरान पूर्व विधायक रामपाल माजरा ने कहा कि राजनीति में किस्मत का महत्व होता है। 1991 में राजीव गांधी की मौत होने से बीरेंद्र सिंह मुख्यमंत्री बनते-बनते रह गए। 2014 में रामबिलास शर्मा बड़ा चेहरा थे लेकिन गमले से और कुछ निकला। इसी प्रकार 2019 में छह महीने पहले ही उन्होंने अभय चौटाला को मुख्यमंत्री मान लिया था लेकिन परिस्थितियां बदल गई।