झील गांव के कार्यवाहक सरपंच चुनने को लेकर बुलाई गई बैठक में बीडीपीओ के नहीं पहुंचने पर ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ रोष प्रकट किया।
ग्रामीणों का कहना है कि बीडीपीओ राजनीतिक दबाव के चलते खुद बुलाई गई बैठक में जानबूझ कर नहीं पहुंचे। बीडीपीओ द्वारा बैठक बहुमत रखने वाले पंच को कार्यवाहक सरपंच चुनने के लिए बुलाई थी। इसके चले लोगों ने प्रशासन व प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
मीटिंग में पहुंचे लोगों ने कहा कि झील गांव के सभी 13 पंचों को 11 बजे उपमंडल कार्यालय के प्रथम तल पर पहुंचने के लिए बीडीपीओ द्वारा 27 दिसंबर को पत्र भेजे गए थे। पंच संगीता ने कहा कि कार्यवाहक सरपंच के लिए उसके पास सात पंचों की सहमति है। उसके समर्थन में सात पंच बीडीपीओ द्वारा बुलाई गई बैठक में आए हुए थे, लेकिन बीडीपीओ जानबूझ कर बैठक में नहीं आए। बीडीपीओ को फोन किया गया उन्होंने फोन को रिसीव नहीं किया। इस दौरान एसडीओ भी कार्यालय में मौजूद नहीं थे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बीडीपीओ द्वारा खुद बुलाई बैठक में नहीं आने से साफ है कि राजनीति दबाव के चलते वह बैठक में नहीं पहुंचे, क्योंकि जो दूसरा गुट है उसके पास कार्यवाहक सरपंच का बहुमत नहीं जुट पाया।
संगीता ने उसके साथ वार्ड नंबर एक से पंच सरोज, वार्ड नंबर दो से सुमन, वार्ड नंबर तीन से होशियार सिंह, वार्ड नंबर आठ से रामनिवास, वार्ड नंबर नौ से सुनीता, वार्ड नंबर 11 से बाली पंच का समर्थन होने का दावा करते हुए कहा कि ये सभी पंच उनके साथ बैठक में पहुंचे, लेकिन बीडीपीओ बैठक में नहीं आए। इस मामले में पूरी तरह से राजनीति हस्तक्षेप हुआ है। इसके चलते बीडीपीओ नहीं पहुंचे।
उपमुख्यमंत्री पर हस्तक्षेप करने के ग्रामीणों ने लगाए आरोप
ग्रामीणों ने उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उन पर गांव में कार्यवाहक सरपंच चुने जाने के मामले में हस्तक्षेप का आरोप लगाया। सूरजभान, रमेश, रघुबीर, सुरेंद्र, सतपाल, रामबीर व रामपाल ने कहा कि जब दूसरे गुट कई दिन पहले खुद जींद जाकर कार्यवाहक सरपंच के लिए बैठक बुलाने की मांग को लेकर जींद डीडीपीओ से मिला था। अब उस गुट के पास बहुमत नहीं होने पर बैठक में राजनीति दबाव डालते हुए जानबूझ कर बीडीपीओ को नहीं आने दिया गया। उनके पास पूरा बहुमत कार्यवाहक सरपंच के लिए है। कब तक इस तरह से बैठक को स्थगित किया जाता रहेगा। इस मामले को लेकर डीसी से भी ग्रामीण मिलेंगे।
बीडीपीओ ने ही बुलाई है बैठक
बीडीपीओ खुद द्वारा बुलाई गई बैठक मे क्यों नहीं पहुंचे इस बारे में पता नहीं है। वह इस बारे में पता करवाएंगेे कि क्या कारण रहा की बीडीपीओ बैठक में नहीं पहुंचे।
देवराज, डीडीपीओ, जींद।