विकास कार्यों के लिए ग्रांट का वितरण करने के लिए जुलाना ब्लॉक समिति की बैठक चेयनपर्सन अंजू की अध्यक्षता में हुई। बीडीपीओ कार्यालय में हुई बैठक में 21 सदस्यों ने हिस्सा लिया। चेयरपर्सन ने चार जून को हुई बैठक में पास हुए प्रस्ताव को रद्द करने की मांग की। बैठक में ग्रांट वितरण नहीं हो सकी। चेयरपर्सन ने आरोप लगाया कि बैठक के बीच में बीडीपीओ धर्मबीर उठकर चले गए। इसके बाद सदस्य इंतजार करते रहे, लेकिन ग्रांट का वितरण नहीं हो सका।
चेयरपर्सन ने कहा कि चार जून को हुई बैठक में बीडीपीओ और ब्लॉक समिति के उपप्रधान ने मिलकर ढाई करोड़ रुपये की ग्रांट वितरित की थी। यह ग्रांट गांव के विकास के लिए सीधी सरपंचों के खाते में डाल दी गई। ब्लॉक समिति के सदस्यों के प्लान के अनुसार यह ग्रांट सरपंचों ने नहीं लगाई। सरपंचों ने यह ग्रांट अपने निजी कार्यों में लगा दी। ब्लॉक समिति के सदस्यों के प्रस्ताव के अनुसार कार्य नहीं किए गए हैं, इसलिए इस ग्रांट को रद्द किया जाएं। अंजू देवी ने कहा कि ब्लॉक समिति के प्रस्ताव पर बीडीपीओ कार्रवाई नहीं करते हैं। इस बैठक में गांव में विकास कार्य करवाने के लिए आई ग्रांट का वितरण करना था। ग्रांट का विरतण करने से पहले ही बीडीपीओ बैठक को छोड़कर चले गए और सभी पार्षद व चेयरपर्सन इंतजार करते रहे।
बीडीपीओ कार्यालय में फैला भ्रष्टाचार
ब्लॉक समिति की चेरपर्सन अंजू देवी ने आरोप लगाया कि बीडीपीओ स्वयं सारे काम करना चाहते हैं। ग्रांट का बंटवारा नहीं करने दे रहे हैं। कार्यालय में आई हुई ग्रांट में गोलमाल करने का प्रयास किया जा रहा है। बिना प्रस्ताव मंजूरी के भी बीडीपीओ काम करते हैं। पीछे से स्वयं ही चेक भी काट देते हैं। कार्यालय में भ्रष्टाचार फैला हुआ है।
अंजू देवी, चेयरर्सन, जुलाना ब्लॉक समिति।
33 लाख से अधिक ग्रांट का करना है वितरण
शुक्रवार को ब्लॉक समिति की बैठक बुलाई गई, जिसमें 21 पार्षद मौजूद रहे। करीब 33 लाख 94 हजार की ग्रांट को विकास कार्यों के लिए वितरित करना था। ग्रांट का बंटवारा नहीं हो सका। जो भी समिति की बैठक में फैसला होगा उनके अनुसार ग्रांट बांट जी जाएगी। बैठक सुबह 10 बजे शुरू हुई थी और दोपहर एक बजे तक चली थी। उन्हें डीसी साहब की मीटिंग में जाना था, इसलिए वह चले गए।
धर्मबीर खर्ब, बीडीपीओ जुलाना।