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Jind News: बरवाला नहर ब्रांच 15 दिन के लिए बंद, 70 गांवों पर मंडराया पेयजल संकट

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25जेएनडी11-बरवाला ब्रांच नहर के रेलवे पुल पर चल रहा मरम्मत का कार्य। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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जींद। बरवाला नहर ब्रांच को 15 दिन के लिए बंद किए जाने से क्षेत्र के लगभग 70 गांवों में पेयजल का संकट गहराने लगा है। नहर पुल के पास स्थित रेलवे क्रॉसिंग पर चल रहे मरम्मत कार्य के चलते यह निर्णय लिया गया है। नहर बंद होने के कारण ग्रामीण इलाकों के साथ-साथ नरवाना शहर में भी पानी की किल्लत बढ़ने की आशंका है।

नहर पर बने रेल पुल के पिल्लर जर्जर हालत में पहुंच चुके थे। रेलवे ने सिंचाई विभाग से 15 दिन नहर बंद रखने का अनुरोध किया था। रेलवे प्रबंधन का कहना था कि यदि समय पर मरम्मत कार्य नहीं हुआ तो बड़ा हादसा हो सकता है।
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इसके बाद सिंचाई विभाग ने बरवाला नहर ब्रांच में पानी की आपूर्ती रोक दी और नहर पुल के पिल्लरों की मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया। हालांकि अभी यह कार्य पूरा नहीं हुआ है। जैसे ही पूरा होगा उसके बाद ही नहर में पानी छोड़ा जाएगा।
यदि निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा नहीं हुआ तो स्थिति और गंभीर हो सकती है जिससे उचाना, नरवाना क्षेत्र ग्रामीण इलाकों के अलावा शहर नरवाना में पानी की भारी किल्लत पैदा हो जाएगी।
बरवाला ब्रांच से आसपास के कई गांवों को न सिर्फ सिंचाई के लिए बल्कि पीने के पानी की आपूर्ति भी होती है। नहर के सहारे बने जलघर इस पानी पर निर्भर रहते हैं। नहर बंद होते ही इन जलघरों का संचालन प्रभावित हो रहा है।

ट्रेन गुजरने में आ रही है समस्या
रेलवे क्रॉसिंग पर पुराने हो चुके पिल्लरों की हालत काफी समय से खराब थी। ट्रेनों के गुजरने के दौरान झटके और नीचे से बहते पानी के दबाव के कारण पिल्लरों की स्थिति और कमजोर हो गई थी। सुरक्षा कारणों को देखते हुए मरम्मत कार्य शुरू किया गया है। पिल्लरों के चारों तरफ मजबूती के लिए कंक्रीट दीवार बनाई है। फिलहाल पुल पर चल रहे निर्माण और सावधानी के चलते मात्र पांच किमी. की रफ्तार से ट्रेनों को निकाला जा रहा है। इससे वह निर्धारित समय से देरी से गंतव्य तक पहुंच रही हैं। इससे यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।

जल्द नहर में पानी नहीं आया तो होगी परेशानी

शहरवासी हिमांशु, संदीप, सुनील, राहुल का कहना है कि शहर में पहले ही कई जगहों पर पानी की सप्लाई नियमित नहीं है। ऐसे में लगातार नहर बंद रहने से स्थिति खराब हो सकती है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है। हालांकि नरवाना शहर के एकमात्र जलघर में भी पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं बचा है।
खारे पानी का प्रयोग कर रहे ग्रामीण
नरवाना क्षेत्र के गांव भीखेवाला, फरैण कलां, ईस्माइलपुर, दबलैन, फरैण खुर्द, खानपुर, कर्मगढ़, कान्हाखेड़ा, अमरगढ़, कलौदा कलां, फुलियां कलां, फुलियां खुर्द, लोन, सुरजाखेड़ा, गुरथली, भाणा ब्राह्मण, हथो, सिंघवाल, सींसर समेत अन्य कई गांवों में बरवाला ब्रांच नहर से पेयजल की सप्लाई होती है। यह गांव इसी नहर पर आधारित हैं। इन गांवों में जमीनी पानी पीने लायक नहीं है क्योंकि जमीनी पानी की टीडीएस मात्रा 1500 से ऊपर है।
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वर्जन
रेलवे ने पुल के जर्जर पिल्लरों की मरम्मत को लेकर सिंचाई विभाग से 15 दिन नहर बंद रखने का अनुरोध किया था। अब मरम्मत का काम चल रहा है। जब यह कार्य पूरा हो जाएगा तो नहर में पानी छोड़ दिया जाएगा। हालांकि, रेलवे 27 दिसंबर तक मरम्मत का कार्य पूरा करने की बात कह रहा है।
-सौरभ गोयल, एक्सईएन, सिंचाई विभाग जींद



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