फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रकृति और संस्कृति की रक्षा के लिए जागरूकता जरूरी : चंद्रकांत आर्य

विज्ञापन
फोटो 6 नरवाना। यज्ञ हवन करते हुए आर्य समाज। स्रोत समाज।
विज्ञापन
नरवाना। आर्य समाज नरवाना में साप्ताहिक सत्संग का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पर्यावरण शुद्धि एवं समृद्धि की कामना को लेकर यज्ञ-हवन से हुई। यशपाल आर्य और डॉ. प्रताप सिंह ने भजन एवं गीतों के माध्यम से महर्षि दयानंद सरस्वती और वीर गाथाओं का उल्लेख किया।
विज्ञापन

आर्य समाज के प्रधान चंद्रकांत आर्य ने कहा कि प्रकृति और संस्कृति में लगातार विकृति बढ़ रही है। प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध दोहन और जंगलों की कटाई पर्यावरण के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि बढ़ते वैश्विक तापमान के कारण बाढ़, सूखा, ग्लेशियरों के पिघलने और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बढ़ रहा है।

उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक-से-अधिक पेड़ लगाने और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग करने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि आर्य समाज की ओर से 28 सितंबर को अमर बलिदानी भगत सिंह की जयंती मनाई जाएगी।
विज्ञापन


जयपाल सिंह आर्य ने बालिकाओं के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक विकास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को शिक्षा, खेलकूद और स्वस्थ जीवनशैली के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध करवाना समाज की जिम्मेदारी है।

मिथिलेश शास्त्री ने कहा कि विद्वान व्यक्ति विद्या के माध्यम से समाज का मार्गदर्शन करता है, जबकि धनवान और बलवान व्यक्ति अपने सामर्थ्य का सदुपयोग कर समाज व राष्ट्र की सेवा करता है। इस अवसर पर वेदपाल, रामकुमार, बलबीर सिंह, किताब सिंह, संजीव और कर्ण आर्यजन मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें