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Jind News: पराली प्रबंधन के लिए गांवों और स्कूलों में चला जागरूकता अभियान

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फोटो 14जेएनडी23-खेत में धान की पराली की मशीन से बनाई गई गांठ। स्रोत प्रशासन
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जींद। जिले में पराली जलाने की घटनाओं को रोकने और फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन के लिए कृषि विभाग का जागरूकता अभियान जारी है। विभाग की ओर से गांवों, स्कूलों और संवेदनशील क्षेत्रों में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान बताए जा रहे हैं, वहीं कृषि यंत्रों और वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से फसल अवशेषों के प्रबंधन के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
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उपनिदेशक कृषि सुखदेव कम्बोज ने बताया कि अभियान के तहत उचाना ब्लॉक के गांव मंगलपुर और पिल्लूखेड़ा ब्लॉक के गांव जयपुर में फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। गांव छापर में स्कूल स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों को पराली नहीं जलाने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
इसी प्रकार सफीदों क्षेत्र के गांव अंटा स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय के माध्यम से जागरूकता रैली निकाली गई। रैली के जरिये ग्रामीणों को फसल अवशेष जलाने के बजाय उनका उचित प्रबंधन करने के लिए प्रेरित किया गया। गांव सिंघाना, बिघाना और दनौदा कलां में भी जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से किसानों तक पराली प्रबंधन का संदेश पहुंचाया गया। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पराली को आग लगाने के बजाय उपलब्ध फसल अवशेष प्रबंधन तकनीकों को अपनाएं।
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ड्रोन से की जा रही गांवों की निगरानी
कृषि विभाग की ओर से पराली प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी भी की जा रही है। इसी कड़ी में येलो जोन में शामिल गांव भंभेवा में ड्रोन के माध्यम से निगरानी गतिविधि की गई। इसका उद्देश्य फसल अवशेष प्रबंधन की स्थिति पर नजर रखना और किसानों को समय रहते उचित प्रबंधन के लिए प्रेरित करना है।
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