खुराक में कोई दिक्कत नहीं आए, पति को भेजा
विनेश फोगाट का कुश्ती की ट्रेनिंग को लेकर लखनऊ में जुलाई में शिविर लगा था। विनेश के साथ उसके पति सोमवीर राठी भी साथ गए थे। सोमवीर केवल विनेश के खान-पान का ही ध्यान रखते थे। वह विनेश को सुबह-दोपहर और शाम को सारिणी अनुसार खाना देते थे, ताकि विनेश के खान-पान में कोई कमी नहीं रह जाए। विनेश दो जुलाई को घर से गई थी। उसके बाद एक-दो बार ही घर आई। बस रात-रात रूक कर वापस चली गई। अब दो अगस्त को बर्मिंघम में हो रहे राष्ट्रमंडल खेल 2022 में हिस्सा लेने के लिए चली गई थी।
10-12 साल से कर रही थी मेहनत, अब मिला पुरस्कार
विनेश फोगाट की सास सरोज देवी का कहना है कि उनकी बहू को आलू के परांठे बहुत पसंद है। वह हर रविवार उसके लिए आलू के पराठे बनाती है। इसके अलावा अन्य दिनों में उसे खीर, चूरमा, दाल, हरी सब्जी, पूड़े और माल पूये खिलाए जाते हैं। वह मेहनत कर रही है। न कभी उन्होंने धूप देखी और न ही कभी रात। उसका सपना था कि इस बार फिर राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर लाए। उसका सपना पूरा हो गया है। विनेश की काबिलियत पर उन्हें गर्व है।