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आशा कार्यकर्ताओं ने सिविल सर्जन के नाम सौंपा मांगों का ज्ञापन

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मांगों को लेकर सिविल सर्जन के नाम ज्ञापन सौंपतीं आशा कार्यकर्ता। - फोटो : Jind
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जींद। सीटू संबंधित आशा वर्कर्स यूनियन हरियाणा के नेतृत्व में आशा कार्यकर्ताओं ने मांगों को लेकर नागरिक अस्पताल में धरना दिया। उन्होंने मांगों को लेकर सिविल सर्जन जेएस पूनिया के नाम ज्ञापन सौंपा।
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धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान नीलम ने की और संचालन जिला सचिव राजबाला ने किया। आशा कार्यकर्ताओं के धरने को सीटू के राज्य उपाध्यक्ष कामरेड रमेश चंद्र, सीटू जिला प्रधान सतबीर खरल, यूनियन की कोषाध्यक्ष जगवंती व मुकेश ने संबोधित करते हुए कहा कि एनएचएम के कर्मचारियों की सराहना करते हुए दो नवंबर को सातवें वेतन आयोग का तोहफा दिया गया है। लेकिन इसी परियोजना में लगी आशा वर्कर्स की इस घोषणा में अनदेखी की गई है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी से लड़ने में आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। कोरोना के सर्वे करने, संक्रमितों की पहचान करने, उन्हें आइसोलेट करने, उनकी घरों तक दवाई पहुंचाने सहित अन्य महत्वपूर्ण काम आशा कार्यकर्ताओं ने किए हैं। कोविड-19 टीकाकरण में भी आशा वर्कर्स की अग्रणी भूमिका रही है, जो अभी तक जारी है। इसके साथ-साथ ऑनलाइन डाटा एंट्री काम में भी आशा वर्कर्स ने बखूबी किए हैं। कई आशा वर्कर्स तो महामारी से संक्रमित होकर मर चुकी है। आशा वर्कर्स के काम की प्रदेश व केंद्र सरकार ने सराहना करने के सिवाय कुछ नहीं किया। कोविड-19 की अतिरिक्त गतिविधियों में आशा वर्कर्स को एक हजार रुपये प्रोत्साहन दिया जा रहा था, जिसे सरकार ने सितंबर 2021 के बाद बंद कर दिया। उन्होंने कहा कि कोविड-19 की प्रोत्साहन राशि को आगे बढ़ाया जाए। इसके अलावा कोविड की दूसरी लहर के दौरान अपने क्षेत्र के दूसरे मजदूरों की तरह आशा वर्कर्स को एकमुश्त पांच हजार रुपये प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा 17 जून 2021 को की गई थी, जिसको आज तक लागू नहीं किया गया। इस अवसर पर सुखदेई, शीला, सिक्कम नैन, मंजू, संतोष, सुमन, पूनम, नीलम, सुदेश, रोशनी, बबिता व आरती भी मौजूद रहे।
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