संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। अपनी मांगों को लेकर सोमवार को जिले की 1100 आशा कार्यकर्ताओं में से 1091 आशा कार्यकर्ताओं और 50 के करीब किसानों, सीटू कार्यकर्ताओं, निर्माण मजदूरों, सेवानिवृत्त कर्मियों, युवाओं व महिला समिति कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारियां दीं। इस दौरान एक आशा कार्यकर्ता बेहोश हो गई, जिसे साथी कार्यकर्ताओं ने संभाला। सबसे पहले किसान सभा के सदस्यों ने गिरफ्तारी दी। इसके बाद आशाओं ने गिरफ्तारी दी। सभी को पुलिस ने बसों में बैठाकर पुलिस लाइन मैदान में छोड़ा। यहां से सभी को जमानत पर छोड़ दिया गया। गिरफ्तारी के दौरान आशा कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ धक्का-मुक्की भी हुई।
जिला प्रधान नीलम और जिला सचिव राजबाला ने बताया कि प्रदेशभर की 20 हजार आशा कार्यकर्ता पिछले 49 दिन से अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। प्रदेश की भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार के किसी भी मंत्री या अधिकारियों ने 45 दिन तक आशा कार्यकर्ताओं के साथ कोई बातचीत नहीं की। आशा वर्करों के आंदोलन को भारी जनसमर्थन मिलता देख 22 सितंबर को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक राज नारायण कौशिक के साथ बातचीत हुई, जो सकारात्मक रही। लेकिन अगली बैठक एक सप्ताह बाद बुलाने की सरकार की तरफ से घोषणा हुई। आशा कार्यकर्ताओं ने सोमवार को जेल भरो आंदोलन के माध्यम से मांग की कि बातचीत के लिए आज या कल की बैठक सुनिश्चित की जाए और मांगों का समाधान किया जाए। धरनास्थल पर किसान सभा के राज्य अध्यक्ष बलबीर, फूल सिंह श्योकंद, सतबीर खरल, कपूर सिंह, सुनीता कालीरमन, मंदीप नेहरा, आप आदमी पार्टी की महिला प्रदेशाध्यक्ष डॉ. रजनीश जैन, जिलाध्यक्ष वजीर सिंह ढांडा, सुभाष कौशिक सहित अन्य कर्मचारी नेताओं ने आशा कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।
किसान नेता फूल सिंह श्योकंद ने कहा कि केंद्र व प्रदेश में भाजपा के नेतृत्व वाली गठजोड़ सरकारों की पूंजीवाद परस्त नीतियों के कारण तमाम मेहनत करने वाले लोगों के जीवन में चौतरफा संकट पैदा हो गया है।
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गिरफ्तारी देने जा रही आशा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका
लघु सचिवालय के सामने से आशा वर्कर पैदल ही जेल की तरफ जाने लगी। पुलिस ने आगे बढ़कर गोहाना रोड पर उनको रोका। डीएसपी रोहताश के साथ आशा वर्करों की काफी बहस भी हुई। इस दौरान आशा वर्कर की पुलिस के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। इसके बाद सभी को बस में बैठाकर पुलिस लाइन में छोड़ा गया।
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कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की ड्यूटी लगाई गई थी। सभी आशा वर्कर को बसाें में बैठाकर पुलिस लाइन में छोड़ा गया। यहां से सभी को जमानत पर छोड़ दिया गया।-प्रवीण कुमार, ड्यूटी मजिस्ट्रेट