संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। जिले में दशहरे का पर्व मंगलवार को धूमधाम से मनाया गया। रावण दहन के साथ ही जिले में बम-पटाखों की आवाज सुनाई दी। अर्जुन स्टेडियम में उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की तथा लोगों को दशहरा पर्व की शुभकामनाएं देते हुए अच्छाई के रास्ते पर चलने का आह्वान किया।
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हमें धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए। धर्म के मार्ग पर चलने से कुछ बाधाएं आ सकती हैं लेकिन जीवन में सफलता जरूर मिलती है। चौटाला ने कहा कि हर वर्ष व्यक्ति अपने जीवन की एक बुराई को त्यागने का संकल्प ले तो यह जीवन स्वर्ग बन सकता है। हर व्यक्ति को अपने जीवन में अच्छाई के रास्ते पर चलना चाहिए। अर्जुन स्टेडियम में रावण, कुंभकर्ण तथा मेघनाथ के पुतले फूंके गए। इस मौके पर शहर में कई जगहों पर मेलों का आयोजन किया जिसमें लोगों ने जमकर खरीददारी की। अर्जुन स्टेडियम में रावण दहन के चलते देर शाम वहां जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। विजय दशमी पर्व पर मंदिरों में भी विशेष पूजा तथा यज्ञ का आयोजन किया गया। रेलवे जंक्शन स्कूल ग्राउंड के आसपास छोटे-छोटे झूले लगाए गए थे। बच्चों ने तीर कमान, तलवार खरीदे। वहीं राम, हनुमान के मुखौटे भी बच्चों में आकषर्ण का केंद्र रहे। ज्यों-ज्यों शाम नजदीक आती गई वैसे-ïवैसे अर्जुन स्टेडियम तथा रेलवे ग्राउंड में भीड़ बढ़ती गई। दशहरा पर्व को लेकर शाम को शोभायात्रा निकाली गई। राम, लक्ष्मण, हनुमान की आकर्षक झांकियां बनाई गई थी। अर्जुन स्टेडियम में किलेे वाली श्री सनातन धर्म रामलीला कमेटी की ओर से रावण, मेघनाद व कुंभकर्ण के विशालकाय पुतले जलाए गए। उधर, रेलवे रामलीला कल्ब की ओर से रेलवे जंक्शन स्कूल ग्राउंड में रावण दहन किया गया।
रावण वध से पहले हुई खूब आतिशबाजी
रावण के वध पर जमकर आतिशबाजी की गई। इसका दर्शकों ने आनंद उठाया। श्री सनातन धर्म आदर्श रामलीला क्लब द्वारा अर्जुन स्टेडियम तक शोभा यात्रा निकाली गई। विजय दशमी के अवसर पर पूरे दिन बाजारों में चहल-पहल रही। पुलिस द्वारा दोनों ही जगह लोगों की भीड़ को देखते हुए बेरिकेटिंग की हुई थी।
रावण के बचे अवशेष उठा ले गए लोग
रावण का पुतला दहन से पूर्व लोगों ने रावण की पूजा अर्चना की और सुख समृद्धिकी कामना की। पुतला दहन के बाद लोग रावण के पुतले के अवशेष को उठाकर ले गए। जयंती देवी मंदिर के पुजारी नवीन शास्त्री ने बताया कि दशहरे पर रावण दहन की राख या लकड़ी घर लाना भी बहुत उत्तम माना जाता है। रावण के पुतले का दहन होने के बाद उसकी छोटी सी लकड़ी या राख लाकर लाल कपड़े में बांधे और उसे मुख्य द्वार पर बांध दे। ऐसा कहते हैं कि यह उपाय करने से नकारात्मक शक्तियां घर से कोसों दूर रहती हैं।