जींद। जिले में वायु प्रदूषण कम होने का नाम नहीं ले रहा है। दिवाली के बाद से बढ़ रहे वायु प्रदूषण से लोग परेशान हैं। पिछले सप्ताह तक एक्यूआई 380 के आसपास था जो घटकर 262 तक पहुंच गया लेकिन अस्थमा रोगियों के लिए वायु प्रदूषण परेशानी बरकरार है।
20 अक्तूबर से जिले में वायु प्रदूषण बढ़ने लगा था। दिवाली के दो दिन बाद तो वायु प्रदूषण 460 तक पहुंच गया था। इसके साथ-साथ किसानों के पराली जलाने के कारण भी वायु प्रदूषण बढ़ा है। जिले में अब तक 360 किसानों को पराली जलाने पर जुर्माना हो चुका है। दिवाली के बाद ठंड बढ़ने से आसमान में तैर रहे धूल कण भारी होकर नीचे धरातल की तरफ आ रहे हैं। इस कारण भी वायु प्रदूषण काफी बढ़ है। नागरिक अस्पताल में पिछले 15 दिन से अस्थमा रोगियों की संख्या बढ़ी है। चार दिन पहले हुई हल्की बूंदाबांदी के कारण कुछ वायु प्रदूषण में सुधार हुआ था लेकिन फिर से वायु प्रदूषण बढ़ गया है। हालांकि प्रशासन ने निर्माण कार्यों पर रोक लगाई हुई है तथा शहर की सड़कों पर पानी का छिड़काव भी किया जा रहा है। इन दिनों हर वर्ष वायु प्रदूषण बढ़ता है। इसके साथ ही ठंड भी बढ़ने लगी है।
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पिछले एक सप्ताह का एक्यूआई
दिनांक एक्यूआई
11 नवंबर 351
12 नवंबर 296
13 नवंबर 287
14 नवंबर 270
15 नवंबर 184
16 नवंबर 241
17 नवंबर 262
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बुजुर्गों का विशेष ख्याल रखने की जरूरत
नागरिक अस्पताल में डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला ने कहा कि वायु प्रदूषण काफी खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। ऐसे में जो लोग पहले से ही बीमार हैं या जिन लोगों को अस्थमा की दिक्कत है, उनका विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। दिनभर गर्म पानी पीना चाहिए तथा ठंडी चीजों से परहेज करना चाहिए। इसके अलावा यदि जरूरत नहीं हो तो घरों से बाहर नहीं निकलना चाहिए। जो लोग स्वस्थ हैं, वह मास्क लगाएं, इससे काफी बचाव रहता है।