जुलाना। गठवाला (मलिक) खाप के अध्यक्ष दादा बलजीत सिंह मलिक ने किसान आंदोलन को लेकर कहा कि इस प्रकार के आंदोलन से असामाजिक एवं आपराधिक तत्व पैदा होते हैं। जो बाद में बड़ी वारदातों को जन्म देते हैं। उन्होंने एमएसपी गारंटी कानून बनाने की किसान संगठनों की मांगों का समर्थन किया।
गठवाला खाप प्रमुख दादा बलजीत सिंह मलिक 19 फरवरी को खाप के पूर्व अध्यक्ष दादा घासीराम की जयंती जिला रोहतक के गांव कारोर में मनाने के सिलसिले में मंगलवार को ललितखेड़ा, निडाना, निडानी, शामलो कलां, रामकली, गतौली, जैजवंती, झमोला व पौली गांवों का दौरा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी मांगों के लिए सरकार से बातचीत के दौर जारी रखने चाहिए। इस प्रकार के आंदोलनों में असामाजिक एवं आपराधिक तत्व घुस जाते हैं। उन्होंने इसका जीता जागता उदाहरण देते हुए कहा कि सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड मामले में हरियाणा के नौजवानों का नाम आना किसानों के पिछले आंदोलन के दौरान संपर्क में आना माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब के किसानों को अपने धरने, प्रदर्शन व नारेबाजी कर अपना डेरा डालना भी है तो उन्हें अपना धरना हरियाणा में न देकर दिल्ली में देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस बार तो किसान आंदोलन में किसानों की आपसी फूट खुलकर सामने आ रही है। हरियाणा के किसानों का समर्थन जुटाने में भी ये किसान नाकाम रहे हैं। इस अवसर पर उनके साथ गठवाला (मलिक) खाप सचिव एवं प्रदेश के पूर्व मंत्री कुलबीर सिंह मलिक के बेटे संदीप मलिक, कारोर के सरपंच महिपाल मलिक, प्रो. शमशेर मलिक, पूर्व सरपंच सुरजीत मलिक, रामेहर मलिक, जिले सिंह मलिक, जगदीश मलिक, दलबीर मलिक दूलड़ मौजूद थे।