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किसान आंदोलन के समर्थन में आएंगे अन्ना हजारे

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पत्रकारों से बातचीत करते राष्ट्रीय लोक आंदोलन के सदस्य। संवाद। - फोटो : Jind
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जींद। पिछले दस महीने से चल रहे किसान आंदोलन को समाजसेवी अन्ना हजारे का भी समर्थन मिल गया है। अन्ना हजारे की सचिव व महाराष्ट्र में सामाजिक विषयों पर आंदोलन करने वाली कल्पना इनामदार ने शुक्रवार को इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि जल्द ही इसके लिए आंदोलन शुरू होगा और ऑनलाइन माध्यम से अन्ना हजारे इससे जुड़ेंगे।
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प्रदेश में नया संगठन बनाने के लिए शिक्षा विभाग में कार्यरत डीपी शमशेर ढांडा को प्रदेश संयोजक बनाया गया है। कल्पना इनामदार ने कहा कि उनका संगठन पूरी तरह से गैर राजनीतिक रहेगा। इस दौरान पवन सैनी, राजेश खर्ब, विजय कौशिक, दलबीर रेढू आदि को हरियाणा कोर कमेटी का सदस्य नियुक्त किया गया।
रानी तालाब के पास एक रेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कल्पना इनामदार ने कहा कि पिछले दस महीने से चल रहे किसान आंदोलन में लोग अन्ना हजारे पर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि नए कृषि कानूनों का विरोध अन्ना हजारे ने 2018 में ही किया था। उस समय इन कानूनों को सिर्फ तैयार किया जा रहा था। यदि देश के किसान उसी समय अन्ना हजारे का साथ देते तो आज इनता लंबा आंदोलन चलाने की जरूरत नहीं होती। उन्होंने कहा कि अन्ना हजारे के विचारों और आंदोलन के रास्ते को आगे बढ़ाने के लिए पूरे देश में संगठन तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह सही नहीं है कि अन्ना हजारे किसान आंदोलन के साथ नहीं हैं। उनकी उम्र का तकाजा है। इसके बावजूद उन्होंने रालेगण सिद्धी में किसान आंदोलन के समर्थन में एक दिन का अनशन किया। किसानों के आह्वान पर ट्रैक्टर यात्रा निकाली। इनामदार ने कहा कि यदि 2018 में जब अन्ना हजारे ने दिल्ली में आंदोलन शुरू किया था और किसान साथ आ जाते तो सरकार को तभी झुकना पड़ता।
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खटकड़ व बद्दोवाल टोल प्लाजा पर भी पहुंचीं कल्पना
कल्पना इनामदार किसानों को समर्थन देने के लिए खटकड़ व बद्दोवाल टोल प्लाजा पर भी गईं। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि हालांकि अन्ना हजारे पहले से आंदोलन के साथ हैं, लेकिन अब सीधे तौर पर जुड़ेंगे।
2011 के आंदोलन में था केजरीवाल का संगठन
कल्पना इनामदार ने कहा कि 2011 के अन्ना आंदोलन में भी अन्ना हजारे का संगठन नहीं था। आंदोलन अन्ना हजारे के नाम पर हुआ और संगठन अरविंद केजरीवाल का था। इसी का लाभ उन्होंने अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा शांत करने में लिया।
सिर्फ जनता के बीच से नीति निर्माता बनाना लक्ष्य
कल्पना इनामदार ने कहा कि अन्ना हजारे का संदेश है सत्ता से पैसा और पैसे से सत्ता के खेल को समाप्त किया जाए। इसके लिए जनता के बीच से ही उनके प्रतिनिधि तय हों, जो संसद व विधानसभा में उनकी बात रख सकें। इसके लिए काम किया जा रहा है।
कारपोरेट चला रहा है देश
इस दौरान राष्ट्रीय लोक आंदोलन के छत्तीसगढ़ प्रभारी भोपाल चौधरी ने कहा कि देश को कारपोरेट चला रहा है। जिस व्यक्ति को सत्ता के शीर्ष तक पहुंचाना होता है, उसकी योजनाबद्ध तरीके से ब्रांडिंग की जाती है। इसके लिए तमाम संसाधनों का प्रयोग किया जाता है। सत्ता में आने के बाद लोग कारपोरेट के लिए ही नीतियां बनाते हैं।
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