जींद। लिंगानुपात में सुधार के लिए अधिकारी अपना दायित्व निभाएं। जिन क्षेत्रों में लिंगानुपात में सुधार की जरूरत है, उन्हें चिह्नित कर विशेष अभियान के माध्यम से लोगों को जागरूक करें। यह निर्देश एडीसी डॉ. हरीश वशिष्ठ ने लघु सचिवालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में जिलास्तरीय टास्क फोर्स की बैठक में अधिकारियों को दिए।
उन्होंने टॉस्क फोर्स की गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा की। डॉ. वशिष्ठ ने अधिकारियों से कहा कि वे जिला में लिंगानुपात संतुलन को लेकर तालमेल के साथ कार्य करें। जिन क्षेत्रों में लिंगानुपात कम है, उन क्षेत्रों में विशेष अभियान चला कर आमजन को जागरूक किया जाए। ऐसे अल्ट्रासाउंड सेंटर, जो पीएनडीटी एक्ट का उल्लंघन कर भ्रूण की जांच कर रहे हैं, उनका पर्दाफाश करने के लिए आम नागरिक की भागीदारी भी जरूरी है। पीएनडीटी एक्ट की उल्लंघन करने वाले लोगों को रंगे हाथ पकड़वाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की भी घोषणा की है। जानकारी देने वाले का नाम भी गुप्त रखा जाता है। बैठक में नरवाना एसडीएम अनिल कुमार दून, सफीदों एसडीएम मनीष कुमार फोगाट, सिविल सर्जन डॉ. गोपाल गोयल, उप सिविल सर्जन डॉ. रमेश पांचाल, डॉ. पालेराम कटारिया, पीएनडीटी सदस्य अमित पंवार, डीपीओ सुलोचना कुंडू मौजूद रहीं।