सफीदों (जींद)। शराब की लत ने एक बेटे को मां का हत्यारा बना दिया। मंगलवार शाम को आरोपी ने शराब के नशे में अपनी दिव्यांग बुजुर्ग मां संतरो की पैर से गला दबाकर हत्या कर दी। सफीदो के गांव मलिकपुर में हुई हत्या की वारदात के दौरान गला दबाए बेटे को छुड़ाने के लिए बुुजुर्ग पिता आया तो बेटे ने उसे भी धक्का मारकर गिरा दिया। फिलहाल पुलिस ने आरोपी के पिता हुकमचंद की शिकायत पर उसके बेटे विक्रम के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस के अनुसार संतरो का 30 वर्षीय बेटा विक्रम शराब पीने का आदी है। इसके चलते घर में कलह रहती थी। एक साल पहले उसकी पत्नी उसे और अपनी तीन बेटियों को घर पर ही छोड़कर मायके चली गई थी। विक्रम की तीन, पांच और सात साल की बेटियां उसके साथ रहती हैं। विक्रम की गिरफ्तारी के बाद उनके पालन पोषण का जिम्मा उनके बुजुर्ग दादा पर आ गया है। अब परिवार में कोई भी कमाने वाला नहीं बचा है। शराब के कारण पूरा परिवार उजड़ गया है।
हुकमचंद ने पुलिस को बताया कि उसका लड़का 30 वर्षीय विक्रम शराब पीने का आदी है। शराब पीकर पत्नी के साथ रोज झगड़ा और मारपीट करता था। इससे परेशान होकर करीब एक साल पहले बहू अपनी तीनों बेटियों को घर पर ही छोड़कर अपने मायके गांव सेखपुरा चली गई थी। इसके बाद उसने बेटे से तलाक ले लिया थआ। 10 अगस्त को देर शाम विक्रम शराब पीकर घर आया और उसने अपनी पत्नी को मायके से लेकर आने की मांग करते हुए 66 वर्षीय दिव्यांग मां संतरो के साथ मारपीट शुरू कर दी। मारपीट के दौरान विक्रम ने मां से कहा कि उसकी पत्नी को जिस प्रकार से छोड़कर आई है, उसी प्रकार वापस लेकर आए। इस पर संतरों ने कहा कि तेरी करतूतों के कारण ही वह गई है, अब नहीं आएगी। इतना कहते ही विक्रम ने अपनी मां से कहा कि वह नहीं आएगी तो तू भी इस दुनिया में नहीं रहेगी। इसके बाद उसने अपनी मां के बाल पकड़कर चारपाई से नीचे गिरा दिया और बाल पकड़कर घसीटने लगा।
हुकमचंद ने अपनी पत्नी को छुड़वाने की कोशिश की तो उसे भी धक्का मारकर गिरा दिया। इसके बाद विक्रम ने अपनी मां की गर्दन को पैर से दबाकर मौत के घाट उतार दिया। शहर थाना प्रभारी कृष्ण कुमार ने कहा कि हुकमचंद की शिकायत पर उसके बेटे विक्रम के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है। आरोपी विक्रम को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे वीरवार को अदालत में पेश किया जाएगा।