संवाद न्यूज एजेंसी
नरवाना। चाकू घोंपकर की गई हत्या के बाद नहर में फेंके गए बाइक मिस्त्री अजय का शव तीन दिन बाद रेलवे ओवरब्रिज के नीचे फंसा मिला। रविवार को पुलिस और गोताखोरों की टीम ने शव को बाहर निकाला। शव को कब्जे में लेकर उसको पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने शव की हालत देखकर पोस्टमार्टम के लिए उसे पीजीआई खानपुर भेज दिया।
29 सितंबर को उझाना निवासी सुरेंद्र ने सदर पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसका भाई अजय बाइक रिपेयर का काम करता था। 26 सितंबर को वह बाइक पर अपनी बहन से मिलने के लिए गुरथली गांव गया था, लेकिन वहां नहीं पहुंचा। उसका मोबाइल फोन भी बंद था। इस पर थाना सदर पुलिस ने इस मामले में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर ली थी।
जांच में सामने आया था कि गुरथली निवासी गुरदास और सतनाम ने अजय की हत्या की थी। पुलिस ने जब गुरदास को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की तो आरोपी गुरदास ने हत्या करने की बात कबूल ली। आरोपी ने बताया था कि उसकी 15-20 दिन पहले अजय के साथ लड़ाई हुई थी। उसी रंजिश में उसने और सतनाम ने मिलकर चाकू घोंपकर उसकी हत्या कर दी थी। गुरथली गांव के पास उसके शव और बाइक को नहर में फेंक दिया था। पुलिस ने 29 सितंबर को गुरदास की निशानदेही पर नहर से अजय की बाइक बरामद कर ली थी। प्रभारी आत्मा राम ने बताया कि पुलिस को तीसरे दिन गोताखोरों की सहायता से शव बरामद कर लिया। शव रेलवे ओवरब्रिज के नीचे फंसा हुआ था। शव को पोस्टमार्टम के लिए खानपुर मेडिकल कॉलेज भेज दिया है, जिसका सोमवार को पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।