09जेएनडी19 : किसान मेले में बैठे किसान। स्रोत कृषि अधिकारी।
- फोटो : खाद्य विभाग की टीम
नरवाना। दनौदा कलां में वीरवार को कृषि विभाग की ओर से एक जागरूकता कैंप आयोजित किया गया। कैंप में किसानों को पराली प्रबंधन, प्राकृतिक खेती और कपास की फसल के संरक्षण से जुड़ी अहम जानकारियां दी गईं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बिनैण खाप के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघुवीर नैन पहुंचे।
उन्होंने किसानों से अपील की कि पराली जलाने से भूमि की उपजाऊ शक्ति नष्ट होती है और वातावरण में प्रदूषण फैलता है जिससे जनस्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ता है। कृषि विभाग के एसडीओ डॉ. सुनील दलाल ने किसानों को बताया कि पराली जलाने से मिट्टी की गुणवत्ता घटती है और फसल उत्पादन पर असर पड़ता है।
उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती को अपनाने की अपील की ताकि मिट्टी की उर्वरता बनी रहे और रासायनिक खादों के दुष्प्रभाव से बचा जा सके। डॉ. सुरेंद्र मान ने पराली प्रबंधन पर व्याख्यान दिया जबकि डॉ. वीरेंद्र बोरा ने कपास में बढ़ते गुलाबी सुंडी के प्रकोप से निपटने के उपाय बताए।
उन्होंने कहा कि यह कीट कपास की खेती को गंभीर नुकसान पहुंचा रहा है और इसके फैलाव को रोकने के लिए सतर्कता जरूरी है। कार्यक्रम में सहायक प्रौद्योगिकी प्रबंधक ने किसानों को कृषि विभाग की विभिन्न ऑनलाइन योजनाओं और तकनीकी सुविधाओं की जानकारी दी।
अंत में रघुवीर नैन ने किसानों से दोबारा अपील की कि वे पराली को जलाने के बजाय खाद बनाकर भूमि और पर्यावरण दोनों की रक्षा करें।