01जेएनडी25:आमरण अनशन पर बैठे जगजीत सिंह डल्लेवाल का स्वास्थ्य जांचते चिकित्सक। संवाद।
नरवाना (जींद)। दातासिंहवाला-खनौरी बॉर्डर पर चल रहे किसानों के धरने के दौरान रविवार को सरकार को कड़ी चेतावनी दी गई। अब धरना दे रहे किसानों ने निर्णय लिया है कि आमरण अनशन के दौरान अगर किसी किसान की मौत होती है तो मांगें पूरी होने तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। शव को धरनास्थल पर ही रखा जाएगा।
एमएसपी की मांग को लेकर किए जा रह आमरण अनशन से किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल का बीपी बढ़ रहा है। इसके अलावा शुगर भी संतुलित नहीं है। छह दिन में उनका वजन पांच किलोग्राम कम हो चुका है।
डल्लेवाल ने कहा कि वह आंदोलन लड़ रहे हैं। जो आंदोलन लड़ते हैं उनके इरादे मजबूत होते हैं। स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ रहा है, क्या नहीं यह कोई मायने नहीं रखता। वह आज जो आंदोलन लड़ रहे हैं, वह अपने प्रदेश को बचाने के लिए लड़ रहे हैं। किसानों की जो मांग है, एमएसपी गारंटी कानून दिया जाए। सरकार को यह कानून देना पड़ेगा।
डल्लेवाल ने कहा कि अगर वह आज यह लड़ाई नहीं जीतते हैं तो 2040 तक पांच से छह एकड़ वाला छोटा किसान नहीं रहेगा। उसके हाथों से जमीन खिसक जाएगी। 6 दिसंबर के कार्यक्रम को लेकर डल्लेवाल ने बताया कि वह कार्यक्रम दोनों संगठनों का सांझा रहेगा। खनौरी बॉर्डर पर अनशन लगातार चलता रहेगा। इसको बंद नहीं किया जाएगा। अनशन पर जब एक किसान नेता की मृत्यु होगी तो उसके तुरंत बाद दूसरा आमरण अनशन पर बैठ जाएगा। जितने भी किसान नेताओं की अनशन के दौरान मृत्यु होगी उनके शव धरने पर रखे जाएंगे।
रविवार को खनौरी बॉर्डर पर मालेरकोटला से मुस्लिम भाईचारे का एक प्रतिनिधिमंडल जगजीत सिंह डल्लेवाल का समर्थन करने के लिए पहुंचा। कर्नाटक के किसान नेता कुर्बुरु शांताकुमार ने बंगलूरू में एलान किया कि 6 दिसंबर से उनका संगठन जगजीत सिंह डल्लेवाल के समर्थन में बंगलूरू में क्रमिक अनशन की शुरुआत करेगा। रोजाना 50 किसान क्रमिक अनशन पर बैठेंगे। तमिलनाडु से किसान नेता पीआर पांड्यन ने कहा कि यदि केंद्र सरकार ने किसानों की बात नहीं सुनी तो 14 दिसंबर से वह जगजीत सिंह डल्लेवाल के आमरण अनशन के समर्थन में तमिलनाडु में रेल रोको आंदोलन करेंगे।
01जेएनडी25:आमरण अनशन पर बैठे जगजीत सिंह डल्लेवाल का स्वास्थ्य जांचते चिकित्सक। संवाद।